गंगोत्री धाम : गैर-सनातनियों के लिए शर्तें तय, पंचगव्य पान के बाद ही मिल सकेगा प्रवेश
Munesh Kumar Shukla Sat, Mar 21, 2026
उत्तराखंड के प्रसिद्ध गंगोत्री धाम को लेकर मंदिर समिति ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब सामान्य तौर पर गैर-सनातनियों के मंदिर में प्रवेश पर रोक रहेगी। हालांकि, विशेष शर्तों को पूरा करने पर उन्हें दर्शन की अनुमति दी जा सकती है।
मंदिर समिति के अनुसार, यदि कोई गैर-सनातनी श्रद्धालु गंगोत्री धाम में पूजा-अर्चना करना चाहता है, तो उसे पहले पंचगव्य का पान करना होगा। इसके बाद गंगाजल से स्नान करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी, तभी मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव और चार धाम महापंचायत के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि यह निर्णय धार्मिक परंपराओं और आस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उनका कहना है कि जो लोग सच्ची श्रद्धा के साथ इन प्रक्रियाओं का पालन करेंगे, उन्हें शुद्ध मानते हुए दर्शन की अनुमति दी जाएगी।
पंचगव्य को धार्मिक रूप से शुद्धिकरण का माध्यम माना जाता है। यह गंगाजल, गोमूत्र, गोबर, दूध, दही और घी जैसे तत्वों से तैयार किया जाता है। समिति का मानना है कि इसके सेवन और स्नान के बाद व्यक्ति धार्मिक रूप से शुद्ध हो जाता है।
इससे पहले बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भी गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर सख्त नियम बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं को सनातन धर्म में आस्था जताने के लिए शपथ पत्र देना जरूरी किया गया था।
नई व्यवस्था को लागू करने के लिए मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार पर समिति के सदस्य तैनात रहेंगे, जो पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके लिए 8 से 10 सदस्यों की एक टीम बनाई गई है, जिसमें कानूनी जानकारी रखने वाले लोग भी शामिल हैं, ताकि किसी के अधिकारों का उल्लंघन न हो।
इस फैसले के बाद धार्मिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है, क्योंकि यह मामला आस्था के साथ-साथ संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा हुआ है।
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