उधमपुर में दर्दनाक बस हादसा : खाई में गिरने से 21 की मौत, 29 घायल
Mon, Apr 20, 2026
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक भयावह सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रामनगर क्षेत्र में एक तेज रफ्तार निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे में अब तक 21 यात्रियों की मौत हो चुकी है, जबकि 29 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, हादसा सुबह करीब 10 बजे एक खतरनाक मोड़ पर हुआ, जहां चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। बस की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण वह संतुलन नहीं बना सकी और सीधे खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि बस का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वाहन मलबे में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि हादसे के दौरान बस ने एक ऑटो-रिक्शा को भी टक्कर मार दी, जिससे उसमें सवार लोग भी घायल हो गए। दुर्घटना के समय बस में लगभग 50 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकतर लोग रोजमर्रा के काम के लिए रामनगर से उधमपुर की ओर जा रहे थे।
घटना के तुरंत बाद पास से गुजर रहे सेना के काफिले ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दल भी मौके पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और मृतकों के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है।
कश्मीर में ‘ईरान की जीत’ का जश्न! : युद्धविराम के बाद सड़कों पर उतरे लोग
Wed, Apr 8, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद कश्मीर घाटी में कई जगहों पर जश्न का माहौल देखने को मिला। खासकर शिया बहुल इलाकों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और इस घटनाक्रम को ईरान की “जीत” बताया।
श्रीनगर के सैदाकदल और जदीबल क्षेत्रों के अलावा बडगाम, बारामूला, गांदरबल, पुलवामा और बांदीपोरा जिलों में भी लोग इकट्ठा होकर खुशी मनाते नजर आए।
लोगों ने ईरानी झंडे लहराए, पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को कश्मीरी कहवा बांटकर जश्न मनाया। कई लोगों का कहना था कि यह संघर्षविराम अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान की बड़ी जीत है।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि ईरान ने इस संघर्ष में अमेरिका और इजराइल को झुकने पर मजबूर कर दिया, इसलिए यह जश्न मनाया जा रहा है। वहीं, कुछ कश्मीरी नेताओं ने भी युद्धविराम का स्वागत करते हुए सवाल उठाया कि इस संघर्ष से अमेरिका को आखिर क्या हासिल हुआ।
इससे पहले भी घाटी में ईरान के समर्थन में बड़े स्तर पर फंड जुटाने के अभियान चलाए गए थे, जिसमें लोगों ने आर्थिक और अन्य तरह की मदद दी थी।
गौरतलब है कि कश्मीर और ईरान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक जुड़ाव रहा है। इसी कारण कश्मीर को अक्सर ‘ईरान-ए-सगीर’ यानी “छोटा ईरान” भी कहा जाता है।