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यूपी में गृह-जल-सीवर कर के बकाएदारों को बड़ी राहत : 15 अगस्त से शुरू होगी OTS योजना

Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 10, 2026

उत्तर प्रदेश में गृह कर, जल कर और सीवर कर के पुराने बकाए से परेशान लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS लागू करने का फैसला लिया है। योजना का उद्देश्य लंबे समय से लंबित संपत्ति कर की वसूली को आसान बनाना, करदाताओं को व्यावहारिक राहत देना और नगर निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के नेतृत्व में शुरू की जा रही इस योजना का लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों के करदाताओं को मिलेगा। सरकार के मुताबिक, योजना के जरिए पुराने बकाएदारों को भुगतान का आसान विकल्प मिलेगा, जिससे एक साथ बड़ी रकम जमा करने का दबाव भी कम होगा।

OTS योजना 15 अगस्त 2026 से शुरू होकर 15 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार ने योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 15 अगस्त से 14 सितंबर तक प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने का फैसला किया है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा बकाएदारों तक योजना की जानकारी पहुंचाना और उन्हें इसका लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है।

सरकार ने बकाया संपत्ति कर जमा करने के लिए अधिकतम तीन किस्तों की सुविधा भी दी है। नियमों के मुताबिक, योजना शुरू होने के 30 दिनों के भीतर बकाएदार को कुल बकाया राशि का एक-तिहाई हिस्सा जमा करना होगा। इसके बाद बची हुई दो-तिहाई राशि को अगले दो महीनों में दो बराबर मासिक किस्तों के जरिए जमा किया जा सकेगा। यानी बकाएदारों को भुगतान के लिए चरणबद्ध सुविधा मिलेगी, लेकिन निर्धारित समयसीमा में पूरा भुगतान करना जरूरी होगा।

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य केवल बकाया कर की वसूली करना नहीं है, बल्कि नगर निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना भी है। लंबे समय से अटके राजस्व की वसूली होने से नगर निकायों के पास विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे।

सरकार का कहना है कि इस राजस्व का इस्तेमाल शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। साथ ही पुराने कर विवादों और न्यायालयों में चल रहे मामलों में भी कमी आने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, OTS योजना एक तरफ बकाएदारों को पुराने करों के भुगतान में राहत देगी, वहीं दूसरी तरफ नगर निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद करेगी। अब देखना होगा कि 15 अगस्त से शुरू होने वाली यह योजना कितने बकाएदारों को अपने दायरे में ला पाती है।

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