यूपी चुनाव से पहले RLD को बड़ा झटका : प्रदेश अध्यक्ष रामाशिश राय ने पार्टी से दिया इस्तीफा
Munesh Kumar Shukla Sat, Aug 8, 2026
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से करीब सात महीने पहले राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रामाशिश राय ने शुक्रवार को अपने पद के साथ-साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। राय के इस फैसले ने प्रदेश की सियासत में हलचल बढ़ा दी है, क्योंकि RLD इस समय बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।
रामाशिश राय ने केंद्रीय मंत्री और RLD प्रमुख जयंत चौधरी को भेजे अपने इस्तीफे में पार्टी छोड़ने के पीछे वैचारिक और राजनीतिक कारणों का हवाला दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में समाज को जाति, उपजाति और धर्म के आधार पर बांटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। राय ने कहा कि प्रभावशाली और आर्थिक रूप से मजबूत वर्गों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे आम लोगों के हितों से जुड़े मुद्दे पीछे छूट रहे हैं।
अपने पत्र में राय ने शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इन विषयों को लेकर आम लोगों और खासतौर पर युवाओं, छात्रों और किसानों के बीच चिंता बढ़ रही है। राय ने संविधान, लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन संस्थाओं पर कथित रूप से हो रहे प्रहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं।
राय ने अपने इस्तीफे को वैचारिक और नैतिक निर्णय बताते हुए लिखा कि व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश होता है। उन्होंने कहा कि इन्हीं विचारों और नैतिक कारणों के चलते वह RLD के प्रदेश अध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।
रामाशिश राय को 27 मई 2022 को RLD की उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने और युवाओं, किसानों तथा छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने पर जोर दिया।
RLD फिलहाल केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार और उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की सहयोगी है। ऐसे समय में प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा पार्टी के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। चुनावी तैयारियों के बीच यह फैसला RLD के संगठन और NDA के साथ उसके राजनीतिक समीकरण को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे सकता है।
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