यूपी में बिजली कटौती पर बड़ा एक्शन : दो इंजीनियर सस्पेंड; कई अधिकारियों को चेतावनी
Munesh Kumar Shukla Sun, May 24, 2026
उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती पर योगी सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने गंभीर लापरवाही के आरोप में गाजियाबाद और मेरठ के दो अधिशासी अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता (पारेषण) राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता (पारेषण) योगेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। राहुल को मेरठ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने इस संबंध में आदेश जारी किए।
जानकारी के अनुसार, 18 मई 2026 की रात 9:26 बजे 220 केवी मुरादनगर-बापूधाम लाइन पर टावर संख्या 226 के पास कंडक्टर टूटने से मधुबन बापूधाम उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। जांच में सामने आया कि 400 केवी अटोर से आने वाली 220 केवी बापूधाम ‘बी’ लाइन पहले से ही 8 मई से ब्रेकडाउन में थी, जिसके कारण पूरा उपकेंद्र केवल एक स्रोत पर निर्भर था।
भीषण गर्मी के बावजूद वैकल्पिक बिजली आपूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की गई और लाइन बहाल करने में भी अनावश्यक देरी हुई। इस मामले में इंजीनियर राहुल को जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया, जबकि एक अन्य अधिकारी रामानंद को कड़ी चेतावनी दी गई।
मेरठ क्षेत्र में भी 19 और 20 मई को 132 केवी की दो प्रमुख लाइनों में लगातार बड़े ब्रेकडाउन हुए। मोदीपुरम-II–कंकरखेड़ा और मोदीपुरम-II–बेदव्यासपुरी लाइनों पर कंडक्टर टूटने और टावर क्षतिग्रस्त होने से कई उपकेंद्रों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
जांच में पाया गया कि मेरठ के इंजीनियर योगेश कुमार ने इन घटनाओं की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर नहीं दी, जिसके कारण लाइनें करीब 22 घंटे तक बंद रहीं और उपभोक्ताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इसके चलते उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा मेरठ के इंजीनियर सतेन्द्र सिंह को मुख्यालय के ग्रीष्मकालीन निर्देशों का पालन न करने पर चेतावनी जारी की गई। वहीं आगरा के शैलेश गुप्ता को 220 केवी किदवई नगर उपकेंद्र में केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद बहाली कार्य में लापरवाही बरतने पर चेतावनी दी गई है।
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