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अमेरिका-इज़राइल : ईरान पर अमेरिका-इज़राइल हमले के बाद वैश्विक प्रतिक्रिया तेज

Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 28, 2026

ईरान पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इस घटनाक्रम ने वैश्विक राजनीति में नई चिंता और विभाजन की स्थिति पैदा कर दी है। फ्रांस और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने तुरंत तनाव कम करने और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। वहीं रूस ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे एक संप्रभु और स्वतंत्र देश के खिलाफ “हथियारबंद हमला” करार दिया है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया ने अमेरिका के रुख का समर्थन किया है, जबकि पाकिस्तान और चीन जैसे देशों ने बड़े युद्ध की आशंका को देखते हुए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया है। ईरान ने “निर्णायक” जवाब देने की कसम खाई है और वॉशिंगटन तथा तेल अवीव पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। इससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका और गहरा गई है।

भारत ने भी स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हालात को लेकर ‘गंभीर रूप से चिंतित’ है और सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान निकालने की अपील करता है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में स्थित भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लगातार संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने तथा स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। रूस के विदेश मंत्रालय ने हमलों को “पूर्वनियोजित और अकारण सशस्त्र आक्रामकता” बताया और तत्काल सैन्य अभियान रोकने की मांग की। रूस ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में आने वाले परमाणु संयंत्रों पर हमले को अस्वीकार्य बताया और शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता की पेशकश की। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने भी हमलों की निंदा की और तत्काल संघर्ष विराम की मांग की। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत में स्थिति पर चिंता व्यक्त की। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को कूटनीतिक प्रयास तेज करने की आवश्यकता की ओर संकेत दिया है, ताकि क्षेत्रीय अस्थिरता को वैश्विक संकट में बदलने से रोका जा सके।