भारत के परमाणु प्रोग्राम में बड़ी छलांग! : PFBR की सफलता से पाकिस्तान में हड़कंप
Munesh Kumar Shukla Wed, Apr 8, 2026
भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है, जिससे पड़ोसी पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है। तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित स्वदेशी प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने सफलतापूर्वक “क्रिटिकैलिटी” हासिल कर ली है।
क्रिटिकैलिटी वह अवस्था होती है, जब परमाणु रिएक्टर में विखंडन की श्रृंखला प्रतिक्रिया स्थिर होकर बिना बाहरी मदद के लगातार चलती रहती है। यह किसी भी परमाणु रिएक्टर के संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
इस उपलब्धि के बाद पाकिस्तान के आर्म्स कंट्रोल एडवाइजर जाहिर काजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि भारत का यह कार्यक्रम उसकी परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को तेजी से बढ़ा सकता है।
काजमी ने दावा किया कि भारत का PFBR भविष्य में बड़े पैमाने पर हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम तैयार कर सकता है, जिससे देश हर साल सैकड़ों परमाणु हथियार बनाने में सक्षम हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास पहले से मौजूद अन्य परमाणु परियोजनाएं इस क्षमता को और मजबूत करती हैं।
इसके अलावा, उन्होंने अग्नि-V और अग्नि-VI मिसाइलों का जिक्र करते हुए यूरोपीय देशों को भी सतर्क करने की कोशिश की। उनके मुताबिक, इन मिसाइलों की मारक क्षमता हजारों किलोमीटर तक है, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
हालांकि, भारत की ओर से इस तरह के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि PFBR परियोजना का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन और परमाणु ईंधन के बेहतर उपयोग से जुड़ा है, न कि हथियार निर्माण।
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