Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

18th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर रमेश बिधूड़ी का विवादित बयान : बोले- छात्रों से ज्यादा थे ‘पंचर-चाबी बनाने वाले’

Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 3, 2026

बीजेपी के पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन में छात्रों की संख्या कम थी, जबकि ‘पंचर बनाने वाले’ और ‘चाबी बनाने वाले’ लोगों की संख्या अधिक थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ने की संभावना है।

प्रदर्शन को लेकर अपनी बात रखते हुए बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिनका छात्र आंदोलन से सीधा संबंध नहीं था। उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि छात्रों की संख्या अपेक्षाकृत कम थी।

बिधूड़ी ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई व्यक्ति अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए ऐसी भाषा स्वीकार करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोग प्रदर्शन के वास्तविक उद्देश्य से जुड़े नहीं थे।

बीजेपी के पूर्व सांसद ने यह भी दावा किया कि कुछ ‘असामाजिक तत्वों’ ने NEET के मुद्दे पर Gen Z यानी युवा पीढ़ी को कथित तौर पर गुमराह कर जंतर-मंतर पर इकट्ठा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रदर्शन के जरिए संसद की ओर बढ़ने और देश में अशांति पैदा करने की कोशिश की गई।

बिधूड़ी ने कहा कि युवाओं को किसी भी मुद्दे पर जानकारी के आधार पर अपनी राय बनानी चाहिए और उन्हें देश की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ पिछले वर्षों के घटनाक्रम की भी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को कथित तौर पर गुमराह करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।

हालांकि, बिधूड़ी के बयान में इस्तेमाल किए गए ‘पंचर बनाने वाले’ और ‘चाबी बनाने वाले’ जैसे शब्दों को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। प्रदर्शन में शामिल लोगों की वास्तविक संख्या और उनकी पहचान को लेकर उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं दी गई है। ऐसे में उनके बयान को राजनीतिक आरोप के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।