राम मंदिर ट्रस्ट के खर्चों की SIT जांच तेज : प्राण प्रतिष्ठा समेत 124 करोड़ रुपये के व्यय का ऑडिट
Munesh Kumar Shukla Wed, Jul 8, 2026
अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट के विभिन्न धार्मिक और प्रशासनिक कार्यक्रमों पर हुए खर्चों की जांच अब और व्यापक हो गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट द्वारा 124 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के उपयोग से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। जांच के दायरे में जनवरी 2024 में आयोजित रामलला की प्राण प्रतिष्ठा, वर्ष 2025 के महाकुंभ से जुड़ी तैयारियां तथा नवंबर 2025 में आयोजित ध्वजारोहण समारोह सहित कई बड़े आयोजन शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह जांच किसी एक विशेष शिकायत तक सीमित नहीं है, बल्कि एक विस्तृत वित्तीय ऑडिट का हिस्सा है। SIT यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विभिन्न कार्यक्रमों पर खर्च की गई राशि निर्धारित नियमों, प्रशासनिक मंजूरी और वित्तीय प्रक्रियाओं के अनुरूप थी या नहीं। टीम भुगतान संबंधी फाइलों, निविदाओं, स्वीकृतियों तथा अन्य वित्तीय अभिलेखों का मिलान कर रही है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि फिलहाल किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि नहीं हुई है। जांच का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक और दान की राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता तथा निर्धारित नियमों के अनुसार किया गया हो। यदि किसी स्तर पर प्रक्रिया संबंधी कमी या नियमों के उल्लंघन के संकेत मिलते हैं तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस जांच पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े धार्मिक प्रकल्पों में वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, जिससे दानदाताओं का विश्वास कायम रहे। फिलहाल ट्रस्ट या SIT की ओर से किसी निष्कर्ष की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और जांच जारी है।
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