“एक साल तक सोना मत खरीदिए!” — : PM मोदी की अपील के पीछे छिपी बड़ी आर्थिक चिंता
Munesh Kumar Shukla Mon, May 11, 2026
नरेंद्र मोदी की यह अपील कि लोग एक साल तक शादियों के लिए सोना न खरीदें, देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। भारत जैसे देश में, जहां सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि परंपरा, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है, वहां ऐसी अपील को असाधारण माना जा रहा है।
दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक तेल संकट और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ता दबाव है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के आसपास अस्थिरता के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है और तेल महंगा होने का सीधा असर विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है। ऐसे में सोने का भारी आयात स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है।
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है। अगर तेल और सोना दोनों का आयात एक साथ महंगा हो जाए, तो रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। प्रधानमंत्री की अपील को इसी आर्थिक संतुलन की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस बयान के बाद ज्वेलरी कारोबारियों और सर्राफा बाजार में चिंता बढ़ गई है। कई व्यापारिक संगठनों ने कहा कि सोने की खरीद भारतीय शादी संस्कृति का अहम हिस्सा है और इसका असर लाखों छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा। दूसरी ओर, सरकार समर्थकों का कहना है कि संकट के समय राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
यह मुद्दा अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि जनता प्रधानमंत्री की इस अपील को किस तरह लेती है।
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