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विजय का बड़ा हमला, : केंद्र पर भेदभाव का आरोप

Munesh Kumar Shukla Wed, Apr 15, 2026

विजय ने लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने के केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “भेदभावपूर्ण कार्रवाई” बताया है। उन्होंने कहा कि इससे दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ जाएगा और दक्षिण के राज्यों की आवाज कमजोर हो सकती है।

15 अप्रैल को दिए गए बयान में विजय ने महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के प्रावधान का स्वागत किया और स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 का समर्थन करती है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि इस विधेयक के लागू होने के बाद दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व अनुपातिक रूप से कम हो सकता है।

विजय ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा हुआ, तो भाषा, संस्कृति, राज्य के अधिकारों और केंद्र की नीतियों से जुड़े अहम फैसलों में दक्षिण भारत की भागीदारी घट जाएगी। उनके अनुसार, इससे उत्तर भारत के राज्यों का प्रभाव बढ़ेगा, जबकि तमिलनाडु जैसे राज्यों की आवाज संसद में कमजोर पड़ सकती है, जो अब तक केंद्र की नीतियों का पालन करते रहे हैं।

विजय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने निर्देशों का पालन करने वाले राज्यों को “दंड” और उल्लंघन करने वालों को “पुरस्कार” दे रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव उसी दिशा में एक संकेत देता है, जिससे क्षेत्रीय असंतुलन और बढ़ सकता है।

इसके अलावा, उन्होंने वित्तीय पहलू को लेकर भी चिंता जताई। विजय के मुताबिक, अगर संसदीय सीटों के अनुपात में बदलाव होता है, तो इसका असर राज्यों को मिलने वाले केंद्रीय फंड पर भी पड़ेगा। दक्षिणी राज्यों का प्रतिनिधित्व घटने से उनके हिस्से में आने वाला वित्तीय आवंटन भी कम हो सकता है।

इस बयान के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां एक तरफ केंद्र सरकार बड़े बदलाव की तैयारी में है, वहीं दक्षिण भारत के नेता इसे अपने अधिकारों और हिस्सेदारी पर चोट के रूप में देख रहे हैं।