विदेश मंत्री : पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
Munesh Kumar Shukla Mon, Mar 9, 2026
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच राज्यसभा में भारतीय नागरिकों और ऊर्जा संकट को लेकर हंगामा और नारेबाजी का माहौल रहा। विपक्ष ने लगातार सवाल उठाए और सरकार की रणनीति पर सवाल खड़े किए। इसी दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सदन में विस्तृत बयान दिया और बताया कि भारत इस क्षेत्र में स्थिति पर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात पर नजर रख रहे हैं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जयशंकर ने बताया कि भारत ने 20 फरवरी को सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी और वर्तमान तनावपूर्ण परिस्थितियों में सरकार सभी उपाय कर रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि भारत किसी भी प्रकार के युद्ध या हिंसा में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि भारतीय ऊर्जा और तेल आपूर्ति को प्रभावित करने वाली किसी भी परिस्थिति पर सरकार सतर्क है।
सदन में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बावजूद जयशंकर ने कहा कि सरकार की विदेश नीति सुनिश्चित है और किसी भी परिस्थिति में भारत के हितों की रक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार सक्रिय है।
राज्यसभा में उनका बयान कई घंटे तक जारी रहा और उन्होंने सांसदों से अनुरोध किया कि वे तथ्य और जानकारी के आधार पर ही चर्चा करें। इस बयान से यह संदेश गया कि भारत अपनी विदेश नीति में सतर्क और मजबूत कदम उठा रहा है, और किसी भी नागरिक या ऊर्जा संकट के मामले में पीछे नहीं रहेगा।
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