इलाहाबाद उच्च न्यायालय का बड़ा आदेश! : राहुल गांधी पर दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच के निर्देश
Munesh Kumar Shukla Fri, Apr 17, 2026
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता के आरोपों की जांच जरूरी है। अदालत ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि वह या तो खुद जांच करे या इसे किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपे।
यह मामला भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें उन्होंने लखनऊ की विशेष एमपी-एमएलए अदालत के 28 जनवरी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी।
वहीं दूसरी ओर, सुलतानपुर की एक विशेष अदालत में राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में भी सख्त रुख देखने को मिला। सुनवाई के दौरान अदालत ने वादी पक्ष को बार-बार स्थगन लेने पर फटकार लगाई और चेतावनी दी कि आगे किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला के अनुसार, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के तहत दाखिल अर्जी पर बहस होनी थी, लेकिन वादी पक्ष ने फिर से स्थगन की मांग कर दी। इस पर अदालत ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि अगर अगली तारीख पर वादी पक्ष उपस्थित नहीं होता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है। इससे पहले, 28 मार्च को हुई सुनवाई में वादी पक्ष ने अदालत से राहुल गांधी की आवाज का नमूना लेने की भी मांग की थी, जिसके लिए सीआरपीसी की धारा 311 और 91 के तहत अर्जी दी गई है।
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