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कर्नाटक : कर्नाटक में छात्रों के स्क्रीन टाइम पर सख्ती की तैयारी

Munesh Kumar Shukla Wed, Mar 25, 2026

कर्नाटक सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के डिजिटल उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक नई ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की है। इस पॉलिसी में पढ़ाई के अलावा मनोरंजन के लिए रोजाना स्क्रीन टाइम अधिकतम 1 घंटे तय करने की सिफारिश की गई है। साथ ही शाम 7 बजे के बाद इंटरनेट बंद करने का सुझाव भी दिया गया है।

ड्राफ्ट के अनुसार, छात्रों को सोने से एक घंटे पहले स्क्रीन से दूर रहने की सलाह दी गई है। मोबाइल उपयोग के लिए ‘चाइल्ड प्लान’ का सुझाव दिया गया है, जिसमें ऑडियो-ओनली विकल्प और तय समय के बाद इंटरनेट बंद करने जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। उम्र के अनुसार डिवाइस और ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित करने की भी बात कही गई है।

सरकार का कहना है कि लगभग 25% किशोर इंटरनेट की लत से प्रभावित हैं, जिससे नींद की कमी, चिंता और ध्यान भटकने जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह पॉलिसी तैयार की गई है।

स्कूलों में भी कई बदलाव प्रस्तावित हैं। डिजिटल वेल-बीइंग और ऑनलाइन सुरक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। साइबर बुलिंग, प्राइवेसी और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। हर स्कूल में डिजिटल उपयोग नीति लागू होगी, साथ ही ‘डिजिटल डिटॉक्स डे’ और ‘टेक-फ्री पीरियड’ भी शुरू किए जाएंगे। छात्रों से संपर्क के लिए व्हाट्सऐप की जगह पारंपरिक डायरी का उपयोग बढ़ाया जाएगा।

मेंटल हेल्थ पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूलों में काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत किया जाएगा और शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि वे डिजिटल लत के संकेत पहचान सकें और जरूरत पड़ने पर बच्चों को विशेषज्ञों तक पहुंचा सकें।

इस पॉलिसी में शिक्षकों और अभिभावकों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। जहां शिक्षक बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर नजर रखेंगे, वहीं अभिभावकों को घर में स्क्रीन टाइम तय करने, नो-फोन जोन बनाने और खुद उदाहरण पेश करने की सलाह दी गई है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर भी गाइडलाइन बनाने की बात कही गई है, ताकि होमवर्क में इसके गलत इस्तेमाल और नकल को रोका जा सके।

यह ड्राफ्ट पॉलिसी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कर्नाटक स्टेट मेंटल हेल्थ अथॉरिटी, निमहांस और शिक्षा विभाग के सहयोग से तैयार की गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले 6 मार्च को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट भाषण में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर सख्ती की घोषणा की थी। कर्नाटक ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।