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जनगणना 2027 : डिजिटल प्रक्रिया, डेटा गोपनीयता और नए नियमों के साथ तैयारियां तेज

Munesh Kumar Shukla Mon, Mar 30, 2026

आगामी जनगणना 2027 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र किया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत यह जानकारी न तो आरटीआई के जरिए साझा की जा सकती है, न ही अदालत में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था को दी जाएगी।

उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही पहले चरण यानी हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का फील्डवर्क कई राज्यों में शुरू होगा। जनगणना दो चरणों में पूरी की जाती है और इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे यह अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक बनेगी। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इसमें अहम भूमिका होगी, जहां प्रशासनिक तंत्र को जमीनी स्तर तक सक्रिय किया जाएगा।

अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए गए हैं कि किसी भी तरह की लापरवाही, डेटा का दुरुपयोग, जनगणना कार्य में बाधा या नागरिकों से अनुचित सवाल पूछना अपराध माना जाएगा। ऐसे मामलों में जनगणना अधिनियम 1948 के तहत जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।

इस बार की जनगणना में एक बड़ा बदलाव यह है कि पहली बार लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रहने वाले जोड़ों को, यदि वे अपने संबंध को स्थायी मानते हैं, तो शादीशुदा श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा के जरिए लोग खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे गणनाकर्मियों पर निर्भरता कम होगी और पूरी प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी।

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