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AAP में बड़ा सियासी धमाका! : राघव चड्ढा पर ‘विश्वासघात’ का आरोप

Munesh Kumar Shukla Wed, Apr 15, 2026

आम आदमी पार्टी के भीतर चल रहा संकट अब खुलकर सामने आ गया है और मामला गंभीर राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। हाल ही में पार्टी ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया, जिसके बाद उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली गई। लेकिन इस घटनाक्रम ने नया मोड़ तब लिया जब केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान कर दी।

इसी बीच, राघव चड्ढा की जगह उपनेता बनाए गए अशोक कुमार मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी ने सियासी माहौल और गरमा दिया। पंजाब और हरियाणा में करीब 10 जगहों पर हुई इस कार्रवाई में जालंधर और गुरुग्राम के ठिकाने शामिल हैं, जिनमें लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से जुड़े परिसर भी हैं। मित्तल इस विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं और यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून के तहत की गई है।

इस घटनाक्रम के बाद AAP ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया और साथ ही राघव चड्ढा पर भी निशाना साधते हुए उन्हें “विश्वासघाती” तक कह दिया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस कार्रवाई को चुनावी रणनीति बताया, जबकि मनीष सिसोदिया और संजय सिंह ने केंद्र पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। पार्टी प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने सवाल किया कि क्या भाजपा बिना जांच एजेंसियों के सहारे चुनाव लड़ सकती है?

वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि जांच एजेंसियां केवल भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

गौरतलब है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाया गया। पार्टी के अंदर उन पर आरोप लगे कि उन्होंने पार्टी लाइन से हटकर काम किया और कई अहम मौकों पर अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई। हालांकि, चड्ढा ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए।

अब यह मामला सिर्फ आंतरिक मतभेद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खुली सियासी जंग का रूप ले चुका है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।