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नीट यूजी 2026 पेपर लीक पर सियासत तेज : राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठाई मांग

Munesh Kumar Shukla Mon, May 18, 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पेपर लीक मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि नीट 2024 और नीट 2026 दोनों मामलों में एक जैसी स्थिति देखने को मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले परीक्षा पत्र लीक होता है, फिर जांच एजेंसियां सक्रिय होती हैं, समितियां बनाई जाती हैं, लेकिन किसी की जवाबदेही तय नहीं होती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि आखिर बार-बार पेपर लीक की घटनाएं क्यों हो रही हैं और शिक्षा मंत्री के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

हर साल लाखों छात्र नीट यूजी परीक्षा में शामिल होते हैं। इसी परीक्षा के जरिए देशभर के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश मिलता है। ऐसे में पेपर लीक की खबरों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई कर रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र कुछ लोगों तक पहुंचाया गया था। अब तक पांच राज्यों से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान कई मोबाइल फोन, बैंक रिकॉर्ड, लैपटॉप और महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

सीबीआई ने सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान शिक्षक पीवी कुलकर्णी और पुणे की वनस्पति विज्ञान शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंधारे को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक प्रश्न और उत्तर पहुंचाए और इसके बदले मोटी रकम ली गई।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी नीट 2024 परीक्षा विवादों में रही थी। उस समय असामान्य अंक और ग्रेस मार्क्स को लेकर सवाल उठे थे। बिहार और झारखंड में कथित पेपर लीक गिरोह का भी खुलासा हुआ था। हालांकि बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था।

राहुल गांधी ने इस पूरे मामले को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोगों का “पैसा कमाने वाला गठजोड़” बताया है। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा से दो दिन पहले ही प्रश्न पत्र व्हाट्सऐप पर प्रसारित किया गया था।

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं सीबीआई की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।