राहुल गांधी : CAPF विधेयक पर राहुल गांधी का हमला, बोले—सत्ता में आए तो ‘भेदभावपूर्ण कानून’ करेंगे खत्म
Munesh Kumar Shukla Thu, Apr 2, 2026
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून CAPF जवानों के साथ भेदभाव को कानूनी रूप देने की कोशिश है और कांग्रेस सत्ता में आने पर इसे रद्द कर देगी।
एक वीडियो बयान में राहुल गांधी ने कहा कि CAPF कर्मियों को भी नेतृत्व के वही अवसर मिलने चाहिए, जो अब तक आईपीएस अधिकारियों के लिए आरक्षित रहे हैं। उन्होंने सहायक कमांडेंट अजय मलिक का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के लिए बलिदान देने के बावजूद उन्हें पदोन्नति और नेतृत्व का अधिकार नहीं मिला, जो व्यवस्था में गहरे अन्याय को दर्शाता है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उन्होंने सरकार से इस विधेयक पर संसद में बोलने का समय मांगा था, लेकिन उनकी मांग को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर खुली चर्चा से बच रही है। बता दें कि राज्यसभा में यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो चुका है और लोकसभा में इस पर चर्चा होनी है।
उन्होंने हाल ही में एक घायल CRPF जवान से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि CAPF के जवान देश की सुरक्षा, आतंकवाद और नक्सलवाद से लड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनके अधिकारों और सम्मान के मामले में उन्हें नजरअंदाज किया जाता है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि यह सिर्फ एक अधिकारी की समस्या नहीं, बल्कि लाखों CAPF जवानों के साथ हो रहा संस्थागत अन्याय है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम जवानों का मनोबल तोड़ते हैं, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।
वहीं, सरकार का कहना है कि इस विधेयक के लागू होने से CAPF बलों का बेहतर प्रबंधन होगा और उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी। हालांकि, कांग्रेस ने साफ किया है कि वह इस कानून का विरोध जारी रखेगी और सत्ता में आने पर इसे समाप्त करेगी।
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