‘साइलेंस पीरियड’ : वोटिंग से पहले सख्त ‘साइलेंस पीरियड’ लागू, नियम तोड़ने पर 2 साल तक जेल
Munesh Kumar Shukla Thu, Apr 2, 2026
देश के विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले चरण की वोटिंग 9 अप्रैल को होने जा रही है। इससे पहले चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि 7 अप्रैल की शाम 6 बजे के बाद किसी भी तरह का चुनाव प्रचार टीवी, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर नहीं किया जा सकेगा।
चुनाव आयोग के अनुसार, वोटिंग से 48 घंटे पहले ‘साइलेंस पीरियड’ लागू हो जाता है। इस दौरान कोई भी ओपिनियन पोल प्रसारित नहीं किया जा सकता, न ही कोई नेता सार्वजनिक रूप से वोट मांग सकता है और न ही किसी पार्टी या उम्मीदवार के पक्ष या विपक्ष में प्रचार किया जा सकता है। यह प्रावधान जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 126 के तहत लागू होता है। नियमों का उल्लंघन करने पर धारा 126A के तहत दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
राज्यों के अनुसार साइलेंस पीरियड का समय भी तय किया गया है। असम में यह 7 अप्रैल शाम 5 बजे से शुरू होकर 9 अप्रैल शाम 5 बजे तक रहेगा, जबकि केरल और पुडुचेरी में यह 7 अप्रैल शाम 6 बजे से 9 अप्रैल शाम 6 बजे तक लागू रहेगा। इसके अलावा गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के चलते वहां भी 7 अप्रैल से साइलेंस पीरियड लागू होगा।
आगे के चरणों की बात करें तो तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के पहले चरण, गुजरात और महाराष्ट्र के उपचुनावों के लिए 21 अप्रैल से साइलेंस पीरियड शुरू होगा। वहीं पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के लिए यह 27 अप्रैल शाम 6 बजे से 29 अप्रैल शाम 6 बजे तक लागू रहेगा।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि एग्जिट पोल के नतीजे वोटिंग खत्म होने से पहले नहीं दिखाए जा सकते। यानी 9 अप्रैल और 29 अप्रैल को आखिरी वोट पड़ने तक एग्जिट पोल पर रोक रहेगी।
सभी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भरोसा जताया है कि इस बार के चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, हिंसा और लालच से मुक्त होंगे।
विज्ञापन