पश्चिम बंगाल : मालदा में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा—कानून-व्यवस्था हुई फेल
Munesh Kumar Shukla Thu, Apr 2, 2026
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में चुनाव से जुड़े सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने इस घटना को सोची-समझी और भड़काऊ साजिश करार देते हुए कहा कि इसका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली शामिल थे, ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने टिप्पणी की कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता चिंताजनक है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि इतनी बड़ी घटना के दौरान प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की।
दरअसल, यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब सात न्यायिक अधिकारी मालदा के एक बीडीओ कार्यालय में निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं। इसी दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यालय को घेर लिया और अधिकारियों को रात करीब 12 बजे तक बंधक बनाए रखा। इस दौरान उन्हें भोजन और पानी तक नहीं दिया गया, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई।
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