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यूपी-बिहार से पकड़े गए शूटर : शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी हत्याकांड की जांच अब CBI के हाथ

Munesh Kumar Shukla Tue, May 12, 2026

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने पश्चिम बंगाल में हुए चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच आधिकारिक तौर पर अपने हाथ में ले ली है। राज्य पुलिस की सिफारिश के बाद सीबीआई ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जिसकी निगरानी कोलकाता क्षेत्र के संयुक्त निदेशक करेंगे।

चंद्रनाथ रथ, जो शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी और निजी सहायक बताए जाते थे, की 6 मई की रात मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद हुई थी। हमलावरों ने कथित तौर पर उनकी गाड़ी को रोककर करीब 10 राउंड फायरिंग की, जिसमें रथ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके चालक बुद्धदेव बेरा गंभीर रूप से घायल हो गए।

मामले की जांच कर रही पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी निगरानी और एक टोल प्लाजा पर हुए UPI लेनदेन से मिले सुरागों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया। गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पश्चिम बंगाल लाया गया, जहां अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

इस बीच, बलिया निवासी आरोपी राज सिंह के परिवार ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। उसकी मां जसवंती सिंह का दावा है कि घटना के समय उनका बेटा परिवार के साथ लखनऊ, अंबेडकर नगर और अयोध्या में था। उन्होंने कहा कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत मौजूद हैं, जो बेटे की मौजूदगी साबित कर सकते हैं। परिवार ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राज सिंह के वकील हरिवंश सिंह ने भी सीबीआई जांच का स्वागत करते हुए कहा कि इससे सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस पर गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानूनी नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया।

इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में राज सिंह कई प्रभावशाली नेताओं के साथ दिखाई दे रहा है। उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश का महासचिव भी बताया है।

सीबीआई जांच शुरू होने के बाद अब नजर इस बात पर है कि एजेंसी हत्या की साजिश, आरोपियों के नेटवर्क और संभावित राजनीतिक संबंधों को लेकर क्या नए खुलासे करती है।