सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक पहुंच बहाल करने की मांग : बार एसोसिएशन हुई सक्रिय
Munesh Kumar Shukla Thu, Jul 23, 2026
देश की राजधानी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक पहुंच को लेकर नया विवाद सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि वकीलों, न्यायिक कर्मचारियों और रजिस्ट्री से जुड़े कर्मियों के लिए सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन तक नियंत्रित और सुरक्षित पहुंच दोबारा बहाल की जाए। यह मामला केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायिक व्यवस्था की कार्यक्षमता, सुरक्षा और रोजमर्रा की न्यायिक प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
बार एसोसिएशन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में प्रतिदिन हजारों वकील, याचिकाकर्ता और कर्मचारी पहुंचते हैं। ऐसे में मेट्रो स्टेशन तक सीधी पहुंच बंद होने से समय की बर्बादी, अतिरिक्त सुरक्षा जांच और आवागमन में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सुझाव दिया है कि पहचान पत्र और सुरक्षा सत्यापन के आधार पर नियंत्रित प्रवेश की व्यवस्था की जा सकती है, जिससे सुरक्षा भी बनी रहे और न्यायिक कार्य भी प्रभावित न हों।
रिपोर्टों के अनुसार इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने भी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि प्रशासन समय रहते कोई व्यावहारिक समाधान नहीं निकालता, तो अदालत स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर सकती है। इससे स्पष्ट है कि न्यायपालिका इस विषय को केवल प्रशासनिक समस्या नहीं, बल्कि न्याय तक आसान पहुंच से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में देख रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में मेट्रो न्यायिक संस्थानों तक पहुंच का सबसे तेज और भरोसेमंद साधन है। यदि वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों को नियमित रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़े, तो इसका असर अदालतों की कार्यप्रणाली और मुकदमों की सुनवाई पर भी पड़ सकता है। इसलिए सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाना प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है।
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