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दिल्ली जिमखाना क्लब पर मंडराया संकट : केंद्र ने मांगी 27.3 एकड़ की ऐतिहासिक जमीन

Munesh Kumar Shukla Wed, May 27, 2026

दिल्ली के प्रतिष्ठित और करीब 100 साल पुराने दिल्ली जिमखाना क्लब पर अब संकट के बादल छा गए हैं। केंद्र सरकार ने क्लब को आदेश दिया है कि वह 5 जून 2026 तक अपनी 27.3 एकड़ जमीन खाली कर सरकार को सौंप दे। सरकार का कहना है कि यह जमीन राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी है, जबकि विपक्ष और क्लब के कई सदस्य इस फैसले के पीछे की असली वजह पर सवाल उठा रहे हैं।

दिल्ली जिमखाना क्लब की स्थापना वर्ष 1913 में ब्रिटिश शासन के दौरान “इंपीरियल दिल्ली जिमखाना क्लब” के रूप में हुई थी। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर दिल्ली जिमखाना क्लब कर दिया गया। लंबे समय से यह क्लब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता रहा है, जहां वरिष्ठ नौकरशाह, सेना के अधिकारी, उद्योगपति, न्यायपालिका से जुड़े लोग और राजनेता सदस्य रहे हैं। क्लब की सदस्यता को हमेशा एक बड़े सम्मान के रूप में देखा जाता रहा है।

लुटियंस दिल्ली के बेहद महत्वपूर्ण इलाके में स्थित यह क्लब करीब 27.3 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां खेल सुविधाएं, विशाल लॉन, रेस्टोरेंट, कार्यक्रम स्थल और कई ऐतिहासिक इमारतें मौजूद हैं। खास बात यह है कि क्लब का पता 2 सफदरजंग रोड है, जो प्रधानमंत्री आवास लोक कल्याण मार्ग के बेहद करीब स्थित है। इसी वजह से इस इलाके को रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है।

भूमि एवं विकास कार्यालय (एल एंड डीओ) की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सरकार को यह जमीन वापस चाहिए और क्लब को निर्धारित समय के भीतर परिसर खाली करना होगा। सरकारी पक्ष का कहना है कि यह जमीन केवल सामाजिक और खेल गतिविधियों के लिए पट्टे पर दी गई थी और जरूरत पड़ने पर सरकार इसे वापस लेने का अधिकार रखती है।

इस विवाद के बीच क्लब की जमीन की कीमत भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के अनुसार लुटियंस दिल्ली देश के सबसे महंगे इलाकों में शामिल है, जहां जमीन की कीमत 180 से 220 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक मानी जाती है। इसी आधार पर दिल्ली जिमखाना क्लब की कुल जमीन की कीमत लगभग 5000 से 6000 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने साफ किया है कि यह फैसला किसी संस्था को निशाना बनाने के उद्देश्य से नहीं लिया गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया कदम है।