संसद गतिरोध खत्म करने की पहल : छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर जवाब देने को तैयार अमित शाह
Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 10, 2026
संसद के मानसून सत्र में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर जारी गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को विपक्ष को चर्चा का रास्ता सुझाया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह विपक्ष की चिंताओं का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार छात्रों के आंदोलन और 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।
रिजिजू ने विपक्ष से अपील की कि अगर वह गृह मंत्री का जवाब सुनना चाहता है, तो उसे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से चर्चा और जवाब को लेकर कोई हिचक नहीं है। गृह मंत्री अमित शाह इस मामले पर विस्तार से अपनी बात रखने के लिए तैयार हैं।
दरअसल, अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के सांसद गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान की मांग कर रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर मानसून सत्र की शुरुआत से ही दोनों सदनों में हंगामा देखने को मिला है और कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है।
सोमवार को दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही दो बार स्थगन के बाद शुरू हुई। इस दौरान रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी शुरुआत से ही गृह मंत्री के जवाब की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार की ओर से स्पष्ट किया कि गृह मंत्री छात्रों के मामले पर चर्चा और विस्तृत जवाब देने को तैयार हैं।
रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसे गृह मंत्री के जवाब से डरने या सदन से चले जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को पूरा जवाब सुनना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भी सरकार ने चर्चा और जवाब देने की अपनी तैयारी स्पष्ट कर दी थी।
वहीं, विपक्षी सांसदों की नारेबाजी जारी रही। पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने भी विपक्षी सांसदों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने गृह मंत्री के जवाब का आश्वासन दिया है, तो अब सदन को चलने देना चाहिए।
अब देखना होगा कि सरकार के इस प्रस्ताव के बाद संसद में जारी गतिरोध खत्म होता है या विपक्ष अपनी अन्य मांगों को लेकर विरोध जारी रखता है।
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