पंजाब विधानसभा में पेपर लीक पर हंगामा : कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की
Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 3, 2026
पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी कांग्रेस के विधायकों ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की। हंगामा इतना बढ़ गया कि विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पिछले साढ़े चार वर्षों में अलग-अलग परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक के मामलों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के शासनकाल में प्रश्नपत्र लीक की कई घटनाएं सामने आई हैं और इसके लिए शिक्षा मंत्री को जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
बाजवा ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंस ने वहां तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। बाजवा ने सवाल उठाया कि यदि बैंस दूसरे राज्यों में पेपर लीक के मामलों को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग कर सकते हैं, तो पंजाब में सामने आए मामलों की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने हाल ही में फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित नकल गिरोह के सामने आने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार से जवाब मांगा।
विपक्ष के आरोपों पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि वह प्रश्नकाल खत्म होने के बाद सभी सवालों का जवाब देंगे। हालांकि, कांग्रेस विधायक दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों से सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की, लेकिन कांग्रेस विधायक अध्यक्ष के आसन के पास पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी।
इस दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस विधायकों के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने विपक्ष पर सदन में हंगामा और राजनीतिक नाटक करने का आरोप लगाया। चीमा ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर दी गई हैं।
कांग्रेस की नारेबाजी और मंत्रियों के इस्तीफे की मांग के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में कथित नकल गिरोह का मामला सामने आने के बाद विपक्ष लगातार परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता का मुद्दा पंजाब की राजनीति में अहम बना रह सकता है।
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