Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

7th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

चाइना ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का दम : आयुष शेट्टी की बड़ी जीत

Munesh Kumar Shukla Thu, Jul 23, 2026

भारतीय बैडमिंटन के लिए चाइना ओपन 2026 की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही है। टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी का एहसास कराया। सबसे बड़ी चर्चा युवा शटलर आयुष शेट्टी की रही, जिन्होंने विश्व रैंकिंग में 11वें स्थान पर मौजूद अल्वी फरहान को हराकर टूर्नामेंट का बड़ा उलटफेर कर दिया। वहीं भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु और पुरुष एकल के प्रमुख दावेदार लक्ष्य सेन ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। इन परिणामों ने भारतीय बैडमिंटन अभियान को मजबूत शुरुआत दिलाई है और आगे के मुकाबलों के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं।

आयुष शेट्टी की जीत को केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय बैडमिंटन की नई पीढ़ी के उभरते आत्मविश्वास का प्रतीक भी माना जा रहा है। विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन आयुष ने धैर्य, आक्रामक खेल और बेहतरीन रणनीति के दम पर यह जीत हासिल की। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मुकाबले किसी खिलाड़ी के करियर में निर्णायक साबित होते हैं, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।

दूसरी ओर, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए जीत दर्ज की। सिंधु लंबे समय से भारतीय बैडमिंटन की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रही हैं और उनसे इस टूर्नामेंट में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। वहीं लक्ष्य सेन ने भी शानदार लय दिखाते हुए अगले दौर में जगह बनाई। उनकी जीत ने पुरुष एकल वर्ग में भारत की उम्मीदों को और मजबूत किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय बैडमिंटन अब केवल कुछ अनुभवी खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहा। पिछले कुछ वर्षों में कई युवा खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे भारत की खिलाड़ी तैयार करने की प्रणाली और प्रशिक्षण व्यवस्था की सफलता भी दिखाई देती है। प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में मिली ये सफलताएं खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ आगे के कठिन मुकाबलों के लिए भी सकारात्मक माहौल तैयार करेंगी।