: राजधानी लखनऊ में भूमाफियाओं ने किया दलित की भूमि पर कब्जा।भूमाफियाओं ने नही योगी आदित्यनाथ का खौफ ।
admin Wed, Jul 24, 2024
लखनऊ उत्तर प्रदेश
आजकल उत्तर प्रदेश में प्रदेश के मुखिया मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का खौफ भूमाफियाओं में नही दिख रहा है ।
भूमाफिया प्रशासनिक सांठ गांठ कर गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे है ।
मामला प्रदेश की राजधानी की सरोजनीनगर तहसील के पीजीआई थाना क्षेत्र के तेलीबाग चौकी के खरीका वार्ड का है जहां के कुछ स्थानीय भूमाफियाओं ने एक दलित के प्लाट पर 25 ,30 लोगों को ले जाकर कब्जा कर लिया ।और प्लाट पर पड़ा सरिया और पुराने गाटर भी उठा ले गए ।
पीड़िता अदिति रावत ने बताया कि उसकी माता अनीता रावत ने 2009 में एक प्लाट खरिका स्थित गाटा संख्या 461 में 5123 स्क्वायर फिट भूमि खरीदा था जिसका दाखिल खारिज भी पीड़िता अदिति व उसके भाई आर्यन रावत के नाम है ।पीड़िता अदिति रावत ने उप जिलाधिकारी और जिलाधिकारी को दिये गए प्रार्थना पत्र में कहा है कि नेपालगंज के रहने वाले आशीष पाल,शैलेंद्र पाल,गब्बर सिंह, नसीम खान,कन्हैया सहित लगभग दो दर्जन से अधिक लोगों ने उसके प्लाट पर कब्जा कर लिया है और उस पर काफी समय से पड़ी हुई सरिया और लोहे के गाटर उठा ले गए है ।
पीड़िता ने बताया कि उसके प्लाट पर जबरदस्ती दीवाल का भी निर्माण कर लिया है और गेट पर ताला लगा दिया है ।यही नहीं पीड़िता के प्लाट पर कैमरा भी लगा दिया है।
पीड़िता अदिति रावत ने बताया कि जब हम लोग छोटे छोटे थे तब रामनिरंजन वर्मा और उसके बेटे अजय वर्मा ने आग लगाकर उसकी माता अनीता रावत की हत्या कर दी थी जिसकी एफआईआर भी दर्ज हुई थी।जिसमे दोनो लोग जेल भी गए थे मगर पीड़िता अदिति रावत और उसका भाई छोटा था जिससे पैरवी नही हो पाई जिससे कुछ दिन पहले दोनो छूट गए है ।जिसके बाद से निरंतर प्लाट पर कब्जे का प्रयास कर रहे थे जब वह सफल नहीं हो पाए तो भूमाफिया आशीष पाल से मिलकर अपना फर्जी प्लाट शैलेंद्र पाल को बेच दिया जिसके बाद शैलेंद्र पाल ,आशीष पाल उर्फ स्मार्ट ने कन्हैया ,गब्बर सिंह, नसीम खान सहित लगभग 20 से 25 लोगों को ले जाकर पीड़िता के प्लाट पर कब्जा कर लिया है ।
पीड़िता अदिति रावत ने बताया कि माता अनीता रावत की मौत के बाद वह अपनी दादी मैका देवी के साथ रहती थी और गुजर बसर कर थी अभी कुछ दिन पहले उसकी दादी की भी मृत्यु हो गई अब वह अपने चाचा चाची के पास उन्नाव जिले के बीघापुर तहसील क्षेत्र में रह रही है उसके पास यही एक प्लाट है जो उसके जीवन का सहारा है पीड़िता ने इन भूमाफियाओं से अपनी और अपने भाई को जान का खतरा बताया है और दिए गए प्रार्थना पत्र ने भूमाफियाओं के खिला कार्यवाही कर अपने प्लाट को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई है और न्याय न मिलने पर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आवास पर भूख हड़ताल कर न्याय मांगने की बात कही है ।
क्या है मामला ?
लखनऊ जनपद की सरोजनीनगर तहसील के अंतर्गत खरिका में गाटा संख्या 461 में अदिति रावत और उसके भाई आर्यन रावत के नाम दर्ज कागजात है जिसमे पीड़िता अदिति रावत का 2009 से कब्जा चला आ रहा है ।गाटा संख्या 461 एससी बिरादरी की भूमि है जिसमे पीड़िता की माता जो स्वयं एससी थी और पीड़िता भी एससी है ने 2009 में भूमि खरीदी थी जिसका दाखिल खारिज 2015 में माता के न रहने के कारण पीड़िता और उसके भाई आर्यन रावत के नाम दर्ज हो गया था जो वर्तमान में भी दर्ज है ।
वही रामनिरंजन वर्मा जो कि पिछड़ा वर्ग का है एससी की भूमि जो गाटा संख्या 461 में ही खरीदी थी जिसका दाखिल खारिज न होने से उसका नाम खतौनी में दर्ज नहीं है और न ही उसका गाटा संख्या 461 में कही पर कब्जा था ।उसी भूमि को शैलेंद्र पाल ने रामनिरंजन वर्मा की पत्नी से बैनामा कराकर पीड़िता की भूमि पर कब्जा कर लिया ।
क्या कहता है कानून ?
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 के अनुसार किसी भी हरिजन की कृषि भूमि को बिना जिलाधिकारी की अनुज्ञा या परमिशन के गैर हरिजन नही खरीद सकता यदि वह ऐसा करता है तो ऐसा विक्रय प्राथमिक स्तर पर ही शून्य माना जाएगा।
और ऐसी विक्रीत भूमि को राज्य सरकार में निहित कर दिया जाएगा।इसीलिए रामनिरंजन वर्मा द्वारा एससी की भूमि का विक्रय करने से पूर्व चूंकि जिलाधिकारी की अनुज्ञा नही ली गई इसलिए उसका बैनामा प्राथमिक स्तर से ही शून्य माना जाएगा इसलिए उसके द्वारा किया गया शैलेंद्र पाल को बैनामा भी शून्य होगा। और उक्त भूमि राज्य सरकार में निहित होगी ।
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