: 4 दिन बंद रहेंगे पेट्रोल पंप और स्कूल।
admin Mon, Jan 1, 2024
शहर के अधिकतर पेट्रोल पंप पर ड्राइवर्स की हड़ताल की वजह से पेट्रोल और डीजल खत्म हो चुका है। ड्राइवर्स ने पेट्रोल और डीजल के टैंकर चलाना बंद कर दिए जिससे पंप तक पेट्रोल डीजल पहुंच नहीं सका। यह हड़ताल एक से तीन जनवरी के लिए की गई है।
केंद्र सरकार हिट एंड रन केस में नया कानून लाई है जिसके मुताबिक दुर्घटना में मृत्यु होने पर ड्राइवर को दस साल की जेल और पांच लाख रुपए जुर्मान होगा। ड्राइवर्स इसका विरोध कर रहे हैं। हालांकि यह कानून सभी ड्राइवर्स पर लागू होगा। कार चालक भी इसके दायरे में आएंगे।
चार दिन पेट्रोल पंप बंद होने की बात कितनी सच
ड्राइवर्स एसोसिएशन ने एक से तीन जनवरी तक हड़ताल करने का निर्णय लिया है। 2 जनवरी हो चुका है। 3 जनवरी का दिन बाकी है। अभी शहर के अधिकांश पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो चुका है और कलेक्टर इलैया राजा टी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।
कलेक्टर के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की सप्लाई कहीं भी नहीं रोकी जाएगी सभी जगह यह नियमित रूप से मिलता रहेगा जनता परेशान न हो। चार दिन तक पेट्रोल पंप बंद रहने की बात पूरी तरह से गलत है। जो पेट्रोल पंप दोपहर तक पेट्रोल खत्म होने की वजह से बंद हुए थे वह भी चालू हो गए हैं। हम सभी पंप पर पेट्रोल पहुंचा रहे हैं।
मप्र पेट्रोल पंप डीलर्स एसो. के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि आयल कंपनियों और प्रशासन के साथ मिलकर डीलर निजी टैंकरों से सप्लाई जारी रखने में जुटे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि 2 से 3 दिन की ही सप्लाई रखने वालों को दिक्कत हो सकती है।
स्कूल दफ्तर भी बंद रहेंगे क्या है सच
स्कूल दफ्तर भी चार दिन बंद रहने की बात सोशल मीडिया पर चल रही है। स्कूलों को बंद करने का कलेक्टर ने कोई आदेश जारी नहीं किया है। वहीं दफ्तर और अन्य कामकाज बंद रहने की बात भी गलत चलाई जा रही है।
सभी तरह की बसें बंद, यात्रियों की फजीहत
सरवटे बस स्टैण्ड के इंचार्ज दिनेश पटेल ने बताया कि सोमवार को यहां से विभिन्न रुट पर संचालित होने वाली 425 से ज्यादा बसें, गंगवाल बस स्टैण्ड से 250 बसें तथा तीन इमली से संचालित होने वाली 200 से ज्यादा बसों का संचालन आज नहीं हुआ।
हड़ताल के कारण देवास, उज्जैन, महू व आसपास के शहरों से रोज अपडाउन करने वाले यात्रियों की फजीहत हो गई है। उन्हें अंदेशा नहीं था कि सोमवार सुबह से ही विरोध जोर पकड़ लेगा। ये यात्री समय पर बस स्टैण्ड तक पहुंचे तो पता चला कि सभी यात्री बसें बंद हैं।
इन लोगों ने अन्य बसों से भी जाने की कोशिश की लेकिन सभी बंद थी। इसके चलते कई तो घर लौट गए जबकि कुछ अन्य वाहनों से अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। एआईसीटीएसएल द्वारा इंदौर में 400 और बाहर 150 बसों का संचालन किया जाता है। ये सभी बसें भी आज हड़ताल के कारण रवाना नहीं हुई।
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