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: SGPGI के डाक्टर पर नर्सिंग स्टाफ को पीटने का आरोप ।वहीं डाक्टर ने आरोपों को नकारा ।

admin Thu, Jun 20, 2024

लखनऊ उत्तर प्रदेश

SGPGI बना राजनीति का अखाड़ा।

SGPGI के नर्सिंग स्टाफ धर्मेंद्र ने हार्ट सर्जन डॉ वरुना वर्मा पर आरोप ।

आरोप लगाया कि उन्होंने OT के भीतर सर्जरी के दौरान नाराज़ होकर धर्मेंद्र पर थप्पड़ों की बरसात कर दी और यह मामला तब तूल पकड़ता है जब इसकी जानकारी नर्सिंग यूनियन के नेताओं को हुई ।

हाल यह हो गया कि नर्सिंग स्टाफ़ ने चक्का जाम कर डॉ के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी शुरू कर दी।

इसके बाद निदेशक PGI नर्सिंग यूनियन ले दबाव में बड़ी मुश्किल से जाँच कमेटी के गठन पर मामला शांत कराने में सफल हुए , मीडिया में खबरें भी चल गई कि महिला सर्जन ने चलती सर्जरी के दौरान पुरुष नर्स को थप्पड़ों से काफ़ी देर पीटा हालाँकि ओपन हार्ट सर्जरी के दौरान ऐसी मार पीट कर पाने भर का समय डॉ के पास नहीं होता है। डॉ वरुना वर्मा का पक्ष जानने के लिए उनसे बात की गई तो उन्होंने पूरा घटनाक्रम बड़े विस्तार से बताया उन्होंने बताया।

“बनारस से आये एक मरीज़ की ओपन हार्ट सर्जरी OT में चल रही थी उसकी छाती पूरी तरह से खुली हुई थी सर्जरी की प्रक्रिया के दौरान औज़ारों की पूर्ति के लिए नर्सिंग स्टाफ़ OT में मौजूद रहता है उसी क्रम में धर्मेंद्र OT में सहयोग के लिए मौजूद थे लेकिन अपने कार्य के निर्वाहन में धर्मेंद्र शुरू से ही अरुचि दिखा रहे थे जिसे मेरे द्वारा कई बार नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन अचानक air bubble मरीज़ की नसों में जाने लगा जिसे ड्रेन करने का औज़ार धर्मेंद्र से माँगा गया वो सुन ही नहीं रहे थे लेकिन मरीज़ की जीवन रक्षा हेतु तुरंत air bubble निकालना आवश्यक था इसपर मैंने झल्लाहट में धर्मेंद्र को डाँटा तो भी उसने ध्यान नहीं दिया तो ख़ुद किसी तरह परिस्थित को सम्भाल कर मरीज़ की जान बचाई लेकिन चलते ऑपरेशन के दौरान धर्मेंद्र OT छोड़ कर चला गया जबकि ऐसा आचरण मेडिकल एथिक्स के ख़िलाफ़ है।

ऑपरेशन ख़त्म होने के बाद मुझे दूसरों से पता चला कि ओपन हार्ट सर्जरी के दौरान मैंने धर्मेंद्र को कई थप्पड़ मारे ।

यह आरोप पूरी तरह से ग़लत है OT के भीतर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ मेरी डाँट से धर्मेंद्र का ईगो हर्ट हुआ है शायद इसीलिए मुझे नीचा दिखाने के लिए उसने ऐसी झूठी कहानी बना डाली।” पूरे घटना क्रम पर डॉक्टर फैकल्टी फ़ोरम ने कड़ी आपत्ति जताई और ऐसे नर्सिंग स्टाफ़ को बर्खास्त करने की शिफ़ारिश की। यह सब तो चलता रहा पर यूनियन बाज़ी के चक्कर में सैकड़ों भर्ती मरीज़ आज SGPGI में राम भरोसे रहे क्योकि नर्सिंग स्टाफ़ ने काफ़ी देर तक कार्य वहिष्कार जारी रखा था।