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विदेश मंत्रालय के बयान से छिड़ी नई बहस

: शिवसेना की लड़ाई: एकनाथ बने रहेंगे CM, उद्धव नहीं हटा सकते।

admin Wed, Jan 10, 2024

महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने आज उद्धव की शिवसेना को बहुत बड़ा झटका दिया है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना को ही असली मानकर विधानसभा में उनके गुट को मान्यता देने के चलते अब उद्धव ठाकरे पर दोतरफा मार पड़ने वाली है। एक तो शिंदे गुट को मान्यता मिल गई है दूसरे पार्टी पर भी अब एकनाथ शिंदे का ही अधिकार होगा।
इसका असर बहुत दूरगामी होने वाला है। उद्धव ठाकरे अपने पिता के खून पसीने से बनी पार्टी से भी हाथ धो बैठेंगे।
पार्टी का निशान तो शिंदे गुट को मिल ही जाएगा, अब फंड और ऑफिस आदि पर भी कब्जे के लिए जंग होगी। शिंदे गुट को ये अधिकार भी आज नहीं तो कल मिल ही जाएंगे।
हो सकता है कि उद्धव ठाकरे विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाएं पर उसका परिणाम देखने तक गंगा से बहुत पानी बह चुका होगा।

पार्टी भी हाथ से गई

इस पूरे मामले में जो सबसे खास सवाल था कि, क्या 21 जून की एसएसएलपी बैठक से विधायकों की अनुपस्थिति अयोग्यता का कारण बनती है? इस पर स्पीकर नार्वेकर ने स्पष्ट कहा कि, इस आधार पर मेरा मानना है कि शिंदे गुट को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता।
उनका कहना था कि क्योंकि शिंदे गुट ही असली पार्टी थी और गुट के उभरने के बाद से ही सुनील प्रभु सचेतक नहीं रहे। इस बात को पहले ही चुनाव आयोग भी कह चुका हैं।
निश्चित है कि पार्टी पर अधिकार की लड़ाई उद्धव ठाकरे की अब कमजोर पड़ जाएगी। शिवसेना का चुनाव चिह्न तीर कमान पहले ही चुनाव आयोग शिंदे गुट को दे चुका है।
पर उद्धव ठाकरे को उम्मीद थी कि हो सकता है कि फैसला उनके पक्ष में हो और वो दुबार चुनाव चिह्न का यूज कर सकें, पर ऐसा नहीं हुआ। अब शिवसेना का दफ्तर और शिवसेना के फंड में पड़े रुपये पर भी अधिकार की लड़ाई तेज होगी।
मुकदमेबाजी होगी। हर जगह उद्धव ठाकरे कमजोर पड़ेंगे। क्योंकि चुनाव आयोग और विधानसभा अध्यक्ष दोनों के फैसले को काटना इतना आसान नहीं होगा।
चू्ंकि नार्वेकर ने शिव सेना संविधान में नेतृत्व ढांचे की बात जोर देकर कही। उन्होंने कहा कि, असली पार्टी का फैसला निर्वाचन आयोग कर चुका है।
2018 का लीडरशिप स्ट्रक्चर ही विश्वस्त है। उसमें पक्ष प्रमुख यानी पार्टी अध्यक्ष की व्याख्या की गई है।
हमने भी उसे ही मान्यता दी है। वही उच्चतम पद है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 19 सदस्य होंगे। 14 चुने जाएंगे पांच मनोनीत होते हैं।