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: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन नए बिल पेश किए।

admin Wed, Dec 20, 2023

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में तीन नए बिल पेश किए। इसमें भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य बिल 2023 शामिल हैं। अब संसदीय पैनल की ओर से इन बिलों की स्क्रूटनी की जाएगी।
ये तीनों बिल इंडियन पीनल कोड 1860 (IPC), कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर 1898 (CrPC) और एविडेंस एक्ट की जगह लेंगे। ये तीनों कानून अंग्रेजों के जमाने के हैं. IPC में 533 धारा कम हो जाएंगी,133 नई धाराएं जोड़ी जाएंगी। 9 धारा को बदल दिया गया है। नए बिल में पहली बार आतंकवाद को परिभाषित किया गया है।
साथ ही मॉब लिंचिंग, नाबालिगों पर यौन हमलों के लिए मृत्युदंड, रेप के लिए अधिकतम 20 साल की कैद और पहली बार छोटे-मोटे अपराधों के लिए सामुदायिक सेवा का प्रावधान किया गया है। ये तीनों बिल अभी पास नहीं हुए हैं। लेकिन इन विधेयकों से कई बड़ी बातें निकलकर सामने आई हैं।
गृहमंत्री अमित शाह ने इन बिलों को पेश करते हुए कहा कि पुराने कानूनों का फोकस ब्रिटिश प्रशासन को मजबूत बनाना और उसकी सुरक्षा करना था, इनके जरिए लोगों को न्याय नहीं, सजा दी जाती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
शाह ने लोकसभा में कहा कि मैं सदन को आश्वस्त कर सकता हूं कि ये विधेयक हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली को बदल देंगे। हमारा उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि न्याय प्रदान करना होगा। अपराध रोकने की भावना पैदा करने के लिए दंड दिया जाएगा।
अंग्रेजों द्वारा बनाए गए पुराने कानून गुलामी के संकेतों से भरे हुए थे, जिनका उद्देश्य उनके शासन का विरोध करने वालों को दंडित करना था।