Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

30th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

उन्नाव : उन्नाव में शोक कार्यक्रम में पहुंचे अखिलेश यादव

Munesh Kumar Shukla Wed, Feb 25, 2026

उन्नाव।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को उन्नाव में एक शोक कार्यक्रम में शामिल हुए और दिवंगत ओमकार सिंह यादव के परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त की। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य प्रकरण और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर कड़ा निशाना साधा।अखिलेश यादव ने कहा कि ओमकार सिंह यादव के पिता डॉ. गंगा सागर यादव ने भारतीय वायुसेना में सेवा करते हुए देश की भक्ति में योगदान दिया। उनके निधन से परिवार और पूरे समाज को गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने जानकारी दी कि ओमकार सिंह यादव गोरखपुर में मदन मोहन मालवीय विश्वविद्यालय के पहले कुलपति रहे और उनकी शैक्षणिक योग्यता और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर उत्तराखंड की एक विश्वविद्यालय में भी कुलपति पद संभाला। उनका योगदान शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में प्रशंसनीय रहा।अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज एफआईआर और ‘हिंदुत्व खतरे में है’ जैसे बयान को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि शंकराचार्य का पद अत्यंत पूजनीय है और उसका सम्मान बनाए रखना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विरोधियों की आवाज दबाने के लिए कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक दबाव का प्रयोग कर रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि त्रिवेणी और गंगा स्नान जैसे धार्मिक स्थलों पर पूज्य शंकराचार्य को स्नान से रोकने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने की घटनाएं अत्यंत चिंता जनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने रथ को धक्का देकर हटा दिया और संतों के साथ अनुचित व्यवहार किया, जबकि बाद में उपमुख्यमंत्री द्वारा माफी मांगने की घोषणा की गई। इसके बावजूद एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे धार्मिक गरिमा और कानून व्यवस्था दोनों पर सवाल उठते हैं।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि सनातन परंपरा में शंकराचार्य का स्थान सर्वोच्च और पूजनीय है। उन्होंने सभी धर्मनिष्ठ और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे शंकराचार्य और धार्मिक परंपराओं के सम्मान की रक्षा के लिए आगे आएं। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि मीडिया और नागरिकों को इस मामले में सतर्क रहकर सच्चाई सामने लानी चाहिए और राजनीतिक दबाव में धार्मिक संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित नहीं होने देना चाहिए।उक्त मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की भी बड़ी संख्या मौजूद थी। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष और संवेदनशील नागरिकों को इस मुद्दे पर एकजुट होकर न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।