उन्नाव : जिला अस्पताल में होली के बाद मरीजों की भीड़ ओपीडी में लगी लंबी कतारें
Munesh Kumar Shukla Fri, Mar 6, 2026
उन्नाव।
होली पर्व के तीन दिन बाद शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से ही अस्पताल परिसर में पर्चा बनवाने और डॉक्टरों को दिखाने के लिए लंबी कतारें लगीं। लगातार तीन दिन के अवकाश के कारण कई मरीज होली के दौरान अपना इलाज नहीं करा पाए थे, इसलिए ओपीडी खुलते ही बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए पहुंचे।सुबह करीब आठ बजे से ही पर्चा काउंटर पर लोगों की भीड़ लगना शुरू हो गई थी। अस्पताल में सबसे अधिक मरीज सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ पहुंचे। डॉक्टरों ने सभी मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। कई मरीजों ने बताया कि होली के दौरान खानपान में अनियमितता और रंगों के इस्तेमाल के कारण उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हुईं। इसके अलावा, कुछ लोग पुराने रोगों की जांच और नियमित दवा लेने के लिए भी जिला अस्पताल पहुंचे थे।मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को काफी व्यस्तता का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने एक-एक कर सभी मरीजों की जांच की और जरूरी दवाएं दीं। साथ ही, मरीजों को खानपान में सावधानी बरतने, साफ-सफाई और रंगों के इस्तेमाल में सावधानी रखने की सलाह भी दी गई।अस्पताल प्रशासन ने बताया कि होली के बाद मरीजों की संख्या बढ़ना सामान्य है। त्योहार के दौरान लोग खानपान में अक्सर लापरवाही करते हैं और रंगों के इस्तेमाल से त्वचा और आंखों से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। इसका सीधा असर ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या पर पड़ता है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी। पर्चा काउंटर और ओपीडी कक्षों के बाहर लाइनों को व्यवस्थित रखने के लिए कर्मचारियों को तैनात किया गया, ताकि मरीजों को कम से कम परेशानी हो। इसके बावजूद, डॉक्टरों और कर्मचारियों ने सभी मरीजों को समय पर देखने और उन्हें दवाएं उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया। अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के त्योहारों के बाद मरीजों की भीड़ का सामना करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहले से तैयारियों को सुनिश्चित किया जाता है। इसके तहत अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाता है और दवाओं की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध कराई जाती है, ताकि मरीजों को इंतजार में अधिक समय न लगे।
विज्ञापन