के तीन दोस्तों की अनोखी कांवड़ यात्रा बनी मिसाल : मेरठमुस्लिम युवक शाकिर ने दिया भाईचारे और इंसानियत का संदेश
Munesh Kumar Shukla Tue, Jul 28, 2026
उत्तर प्रदेश में सावन महीने की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जारी है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे लाखों शिवभक्तों के बीच इस बार मुजफ्फरनगर से गुजर रही एक विशेष कांवड़ यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसकी वजह सिर्फ 201 लीटर गंगाजल से सजी विशाल कांवड़ नहीं, बल्कि उसे लेकर चल रहे तीन दोस्तों की दोस्ती और सामाजिक सद्भाव का संदेश है। मेरठ के रहने वाले मिंटू, गौरव और मोहम्मद शाकिर की यह यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
तीनों दोस्त हरिद्वार से 201 लीटर गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनके कंधों पर सजी विशाल कांवड़ और जुबान पर गूंजते "हर-हर महादेव" तथा "बम-बम भोले" के जयकारे राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं। यात्रा के दौरान जहां श्रद्धालु उनकी आस्था को नमन कर रहे हैं, वहीं उनकी दोस्ती और आपसी विश्वास की भी सराहना कर रहे हैं।
इस यात्रा में सबसे अधिक चर्चा मोहम्मद शाकिर की हो रही है। मुस्लिम समुदाय से होने के बावजूद वह पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ अपने दोस्तों के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल हैं। सिर पर टोपी और कंधे पर कांवड़ का भार उठाए शाकिर न केवल अपने साथियों का सहयोग कर रहे हैं, बल्कि रास्ते में मिलने वाले अन्य कांवड़ियों की मदद भी करते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देना भी है।
मोहम्मद शाकिर ने कहा कि उनका संदेश साफ है—"जात-पात छोड़ो, इंसानियत जोड़ो।" उनके अनुसार इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है और हर व्यक्ति की पहली पहचान एक इंसान के रूप में होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब वह कांवड़ यात्रा में शामिल हुए हैं। इससे पहले भी वह अपने दोस्त मिंटू के साथ 101 लीटर गंगाजल की कांवड़ ला चुके हैं। इस बार उनके साथ गौरव भी जुड़े हैं और तीनों मिलकर 201 लीटर गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने जा रहे हैं।
मिंटू ने बताया कि हरिद्वार से लाया गया यह पवित्र गंगाजल मेरठ के नगौड़ी गांव स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव को अर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कामना समाज में प्रेम, सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना है। उनका मानना है कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन दोस्ती, विश्वास और इंसानियत का रिश्ता सबसे ऊपर होता है।
रास्ते में इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने वाले श्रद्धालु भी तीनों दोस्तों की जमकर सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और यह दिखाते हैं कि आस्था और इंसानियत साथ-साथ चल सकती हैं। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच आगे बढ़ रही मिंटू, गौरव और मोहम्मद शाकिर की यह यात्रा केवल गंगाजल लेकर नहीं चल रही, बल्कि सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और गंगा-जमुनी तहजीब की जीवंत मिसाल भी पेश कर रही है।
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