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रेणुका चौधरी का सरकार पर तंज : 'मोदिया बिंद’ चश्मा दिखाकर अंधभक्तों पर साधा निशाना

Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 10, 2026

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने सोमवार को केंद्र सरकार और उसके समर्थकों पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ‘मोदिया बिंद’ नाम का स्टिकर लगा चश्मा दिखाया और इसे उन राजनीतिक समर्थकों के लिए ‘इलाज’ बताया, जिन्हें वह सरकार का अंधसमर्थक मानती हैं। चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार की आलोचना करने के बजाय कुछ लोग हर मुद्दे पर सिर्फ उसकी तारीफ करने में लगे रहते हैं।

रेणुका चौधरी ने कहा कि ऐसे लोगों को देश में होने वाली कई महत्वपूर्ण घटनाएं दिखाई नहीं देतीं। उन्होंने बुनियादी ढांचे से जुड़े मामलों, कथित चोरी, NEET परीक्षा से जुड़े विवाद और अन्य जनहित के मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार के समर्थकों पर निशाना साधा। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अगर किसी को ‘मोतियाबिंद’ जैसी समस्या है तो उसका भी इलाज कराया जाएगा।

कांग्रेस सांसद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच सरकार की ओर से चार अहम विधेयक पेश किए गए। इनमें ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल, 2026, माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026, केरल (नाम में बदलाव) बिल, 2026 और नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (अमेंडमेंट) बिल, 2026 शामिल हैं।

हालांकि, विपक्षी सांसदों के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही को दोपहर दो बजे तक स्थगित करना पड़ा। विपक्षी दल जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर के लिए मिले दान में कथित चोरी के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं।

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा की कार्यवाही में लगातार व्यवधान देखने को मिला है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जारी टकराव का असर विधायी कामकाज पर भी पड़ा है। अब तक सदन से पारित आठ विधेयकों में से छह बिना विस्तृत चर्चा के पारित किए जाने की बात सामने आई है।

ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव के कारण संसद में गंभीर मुद्दों पर सार्थक बहस प्रभावित हो रही है? जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सरकार से जवाब मांगना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संसद की कार्यवाही को सुचारू बनाए रखना भी सभी दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।