: 14 अहम प्रस्ताव को मिली मंजूरी । अयोध्या में हुई UP कैबिनेट मीटिंग ।
Thu, Nov 9, 2023
कैबिनेट मीटिंग -
बैठक मे कुल 14 प्रस्ताव को मंजूरी..
इनलैंड वाटर वे प्राधिकरण के गठन के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी।
अयोध्या मे श्रीरामजन्म भूमि तीर्थ विकास परिषद के गठन को मंजूरी।
माँ पटेश्वरी देवीपाटन विकास परिषद गठन को मंजूरी।
मुज़फ्फरनगर मे 'शुक तीर्थ विकास परिषद' के गठन को मंजूरी।
अयोध्या मे मांझा जमथरा मे 25 एकड़ भूमि पर मंदिर म्यूजियम के निर्माण हेतु प्रस्ताव पास।
अयोध्या शोध संस्थान को अंतराष्ट्रीय रामायण वैदिक शोध संस्थान के रूप मे विस्तारित करके स्थापित करने को मंजूरी।
हाथरस मे दाऊजी लक्खी मेला को प्रांतिकरण करने का निर्णय,अयोध्या के सभी मेलो को प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
बुलंदशहर मे गंगा मेला का प्रांतीय करण व वाराणसी मे देव दीपावली आयोजन का प्रांतीय करण करने के प्रस्ताव को मंजूरी।
प्रदेश मे महिला स्वयंसेवी समूहों को उनके ही ब्लॉक मे प्लांट लगाने के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी।
ड्रोन पॉलिसी को मंजूरी, राज्य स्तर पर नियमावली लागू करने के संबंध मे प्रस्ताव को मंजूरी
स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा क्रियान्वयन कराने के प्रस्ताव।
शीतकालीन सत्र 28 नवंबर से आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी,अनुपूरक बजट के संबंध मे।
: पहली बार भारत के राष्ट्रपति पद पर होगा आदिवासी समाज का प्रतिनिधित्व
Sun, Oct 23, 2022
अयोध्या उत्तर प्रदेश
15.76 लाख दीपों से जगमगाई प्रभु श्रीराम की अयोध्या
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री को दी शुभकामनाएं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अयोध्या के प्रति प्रतिबद्धता ने एक बार फिर इस प्राचीन नगरी को वैश्विक रिकॉर्ड सूची में दर्ज कराया है। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस 'भव्य दीपोत्सव' को देखा-परखा और अंततः एक साथ एक स्थान पर इतनी बड़ी संख्या में दीप प्रज्ज्वलन को नवीन विश्व कीर्तिमान का दर्जा दिया। कीर्तिमान रचने में अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के शिक्षकों व छात्रों की बड़ी भूमिका रही। दीप प्रज्ज्वलन का नियत समय शुरू होते ही 'श्री राम जय राम जय जय राम' के जाप के साथ एक-एक कर 15.76 लाख दीप जलाए गए।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधियों द्वारा कीर्तिमान रचने की घोषणा के साथ ही पूरी अयोध्या 'जय श्री राम' के के बाद वह भुवनेश्वर में रहती है।इन्होने अपना जीवन एक अध्यापिका के रुप में शुरू किया ।फिर धीरे धीरे वह राजनीति में आ गई।
द्रौपदी मुर्मू का राजनैतिक परिचय
द्रौपदी मुर्मू ने पहला चुनाव 1997 में राइरंगपुर नगर पंचायत में पार्षद चुनाव जीतकर अपने राजनैतिक सफर की शुरुआत की ।द्रौपदी मुर्मू भारतीय जनता पार्टी आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रही ।सन 2000 व 2009 में दो बार विधायक भी रही तथा पहली बार आदिवासी महिला राज्यपाल होने का गौरव भी इन्हे ही मिला।ओडिशा में 2000से 2004 तक पहले परिवहन मंत्री फिर मत्स्य विभाग की मंत्री बनी।सन 2015 में पहली बार झारखण्ड की राज्यपाल बनाई गई।
द्रौपदी मुर्मू ने मायावती और ममता बनर्जी से सशक्त महिला होने का गौरव प्राप्त किया है।
द्रौपदी मुर्मू का आदिवासी समाज से भारत के सर्वोच्च पद पर विराजमान होना स्वस्थ लोक्ततंत्र की विचारधारा को बलवती करता है ।और पंडित दीनदयाल उपाध्याय की समाज के अन्तिम ब्यक्ति तक मौलिक अधिकार व विकास को पहुंचाने की विचारधारा को परिभाषित करता है और प्रमाणित करता है