वाराणसी : सुपारी किलर बनारसी यादव मुठभेड़ में ढेर
Tue, Feb 3, 2026
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में हुई महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में वांछित और एक लाख रुपये का इनामी सुपारी किलर
बनारसी यादव
मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। यह मुठभेड़
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स)
और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम के साथ
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बारियासनपुर रिंग रोड
के पास हुई।
पुलिस के अनुसार, एसटीएफ को सूचना मिली थी कि बनारसी यादव इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में मौजूद है। इसी आधार पर इलाके में घेराबंदी की गई। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ के दौरान बनारसी यादव गोली लगने से घायल हो गया।
घायल अवस्था में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान टीम ने पूरी सावधानी बरती और किसी भी पुलिसकर्मी को कोई चोट नहीं आई।
बनारसी यादव कुख्यात अपराधी था और उसके खिलाफ
दो दर्जन से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे
दर्ज थे। इनमें हत्या, हत्या की साजिश, लूट, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे अपराध शामिल थे। महेंद्र गौतम की हत्या के बाद से वह फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी।
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने
दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस
बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किन-किन वारदातों में किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है। उनका कहना है कि बनारसी यादव की मौत से इलाके में अपराध पर अंकुश लगेगा और आम जनता को राहत मिलेगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गाजियाबाद : ढाबे पर मामूली विवाद बना जानलेवा संघर्ष, दो युवकों की मौत
Mon, Feb 2, 2026
गाजियाबाद में शुक्रवार देर रात एक मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। जिले के खोड़ा थाना क्षेत्र में एक सड़क किनारे स्थित ढाबे पर हुए हिंसक संघर्ष में दो युवकों की जान चली गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। यह घटना ट्रांस-हिंडन जोन के अंबेडकर गेट के पास स्थित वैष्णो ढाबे की है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार देर रात उस समय की है जब दोनों गुट नशे की हालत में थे और खाना परोसने में देरी को लेकर उनके बीच तीखी बहस हो गई। उसने बताया कि देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। होटल में मौजूद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को घायल अवस्था में पाया। पुलिस ने बताया कि तीनों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां चिकित्सकों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। ट्रांस हिंडन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) निमिष पाटिल ने बताया कि मृतकों की पहचान श्रीपाल (25) और सत्यम (26) के रूप में हुई है। दोनों बहराइच जिले के निवासी थे और खोड़ा के नेहरू विहार कॉलोनी में किराए के मकान में रहते थे। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति बयान नहीं दे सका है। पाटिल ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस ने दो हमलावरों की पहचान सूरज और राजन के रूप में की है, जबकि इस मामले में कई अन्य भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आगरा : आगरा में न्यायिक अधिकारी को धमकी, 10 लाख की रंगदारी मांगी गई
Sun, Feb 1, 2026
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक गंभीर सुरक्षा मामला सामने आया है, जहाँ एक न्यायिक अधिकारी को फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई और उनसे १० लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। यह घटना २९ जनवरी की रात को हुई जब आरोपी ने तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल करते हुए दुर्व्यवहार भी किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हरीपर्वत थाने में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़ित अधिकारी अतिरिक्त सिविल जज (ACJM) बटेश्वर कुमार को फोन पर धमकी दी गई कि यदि उन्होंने १० लाख रुपये नहीं दिए, तो उनकी जान को खतरा है। धमकी भरी कॉलों में गाली-गलौज और डराने-धमकाने वाला भाषा भी इस्तेमाल किया गया, जिससे अधिकारी और उनके परिवार में चिंता की स्थिति बन गई।आगरा पुलिस अब फोन करने वाले नंबरों को ट्रेस करने और अपराधी को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई है। जांच में साइबर सेल और तकनीकी टीम भी लगे हैं ताकि कॉल के स्रोत का पता लगाया जा सके और घटना में शामिल लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस तरह की धमकियां कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं और इसे ख़त्म करने के लिये कड़ाई से कार्रवाई की जाएगी। मामले में धमकी देने वाले के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की उपयुक्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।