पुराने हाईकोर्ट परिसर में चला : अतिक्रमण हटाओ अभियान
Munesh Kumar Shukla Mon, May 18, 2026
लखनऊ के कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट भवन के आसपास रविवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम और प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वकीलों के अवैध चैंबर समेत करीब 200 कब्जों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने प्रदर्शन किया, जबकि प्रशासन ने 25 मई तक पूरी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
इस कार्रवाई का विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में वकील इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने खदेड़ दिया। वकीलों की तरफ से किसी भी बड़े विरोध या हंगामे से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही पर्याप्त पुलिस बल का पुख्ता इंतजाम किया हुआ था। यह पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के सख्त आदेश पर की जा रही है। हटाए जा रहे इन अवैध कब्जों में सबसे ज्यादा संख्या खुद वकीलों के अवैध चैंबरों की ही है। शुरुआत में नगर निगम ने कोर्ट को केवल 72 अवैध कब्जाधारियों की सूची सौंपी थी, लेकिन बाद में जब दोबारा सर्वे कराया गया तो अवैध कब्जों की संख्या बढ़कर करीब 200 पाई गई। सर्वे के अनुसार, पुराने हाईकोर्ट और कचहरी के आसपास के इलाकों में अवैध कब्जे इस प्रकार बांटे गए थे, सुरेंद्र नाथ रोड पर 72 अवैध कब्जे, स्वास्थ्य भवन से कलेक्ट्रेट चौराहा और चकबस्त रोड तक 47 अवैध कब्जे, राजस्व परिषद से स्वास्थ्य भवन तक 25 अवैध कब्जे और नाले के ऊपर 50 से अधिक अवैध चैंबर और दुकानें। नगर निगम ने इस कार्रवाई से पहले 16 मई तक सभी को कब्जे हटाने का नोटिस दे दिया था और अवैध निर्माण पर लाल निशान भी लगा दिए थे। इस सख्ती को देखते हुए कई वकीलों ने कार्रवाई से पहले ही खुद अपने चैंबरों से जालियां और सामान हटाना शुरू कर दिया था। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की बेंच ने यह आदेश सुनाया है।
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