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ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर का इस्तीफा : लेबर पार्टी में नेतृत्व संकट गहराया

Munesh Kumar Shukla Tue, Jun 23, 2026

यूनाइटेड किंगडम की राजनीति में उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री और लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्टार्मर ने अपने कार्यकाल को समाप्त करने का ऐलान किया। उनके इस फैसले के बाद ब्रिटेन में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बन गया है और लेबर पार्टी के भीतर नए नेतृत्व की तलाश तेज हो गई है।

अपने भावुक संबोधन में स्टार्मर ने कहा कि दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री पद संभालना उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण था। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई, निवेश बढ़ा और कामगारों के अधिकारों को सशक्त बनाया गया।

स्टार्मर ने दावा किया कि उनकी सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) की प्रतीक्षा सूची को कम करने, मजदूरी दर बढ़ाने और रक्षा खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि करने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों के कारण हजारों परिवारों को राहत मिली और गरीबी उन्मूलन की दिशा में प्रगति हुई।

हालांकि, उनके कार्यकाल के दौरान कई नीतिगत फैसलों को लेकर विवाद भी सामने आए। विपक्ष और लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष के कारण पिछले कुछ महीनों से स्टार्मर पर लगातार दबाव बढ़ रहा था। आलोचकों का आरोप था कि सरकार चुनावी वादों के अनुरूप लोगों के जीवन स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं ला सकी।

स्थिति उस समय और जटिल हो गई, जब पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई। लेबर पार्टी के कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से पद छोड़ने की अपील की थी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि उनके इस्तीफे के बाद पार्टी में नेतृत्व को लेकर नई प्रतिस्पर्धा शुरू होगी और इसका असर ब्रिटेन की राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।