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NEET विवाद पर Kiren Rijiju का संदेश: : राष्ट्र निर्माण में धर्मेंद्र प्रधान का योगदान हमेशा याद रहेगा'

Munesh Kumar Shukla Sat, Jul 25, 2026

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनके कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही निभाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने जो निर्णय लिया है, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में किरेन रिजिजू ने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा, कौशल विकास और उच्च शिक्षा में सुधार जैसे कई बड़े कदम उनके नेतृत्व में आगे बढ़े। रिजिजू ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों का लाभ आने वाले वर्षों में भी देश के युवाओं को मिलता रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में कठिन परिस्थितियां आती हैं, लेकिन ऐसे समय में जिम्मेदारी स्वीकार करना और संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना एक मजबूत नेतृत्व की पहचान होती है। रिजिजू ने विश्वास जताया कि धर्मेंद्र प्रधान भविष्य में भी संगठन और सरकार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नए शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने, तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक सुधार तेजी से लागू किए जाएंगे।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी उनके कार्यकाल की उपलब्धियों को याद किया और उन्हें एक समर्पित तथा दूरदर्शी नेता बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने शिक्षा सुधारों को नई गति दी और देश के युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए।

वहीं, विपक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को छात्रों के आंदोलन की जीत बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। राजनीतिक बहस के बीच सरकार अब नए नेतृत्व के साथ शिक्षा मंत्रालय में सुधारों की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी में है। छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने के लिए सरकार आने वाले दिनों में कौन-कौन से ठोस कदम उठाती है।