हाथरस : हाथरस CMO कार्यालय में महिला बाबू 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ी गई
Munesh Kumar Shukla Mon, Feb 2, 2026
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में तैनात एक महिला बाबू को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सोमवार को दिन में लगभग 12 बजे की गई। गिरफ्तार की गई महिला बाबू का नाम बबीता चौहान बताया गया है, जो सीएमओ कार्यालय में आईटीआई मेडिकल बोर्ड कक्ष में तैनात थी।जानकारी के अनुसार, महिला बाबू पर आरोप है कि उसने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इंटर्नशिप अलॉटमेंट के नाम पर एक अभ्यर्थी से 5,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत एंटी करप्शन विभाग से की थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर महिला बाबू को रिश्वत लेते हुए पकड़ने की योजना बनाई।शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पहले पूरे मामले की गोपनीय जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि शिकायतकर्ता से इंटर्नशिप अलॉटमेंट की प्रक्रिया के लिए अवैध रूप से पैसे मांगे गए थे। शिकायत सही पाए जाने पर एंटी करप्शन टीम ने नियमानुसार ट्रैप कार्रवाई की अनुमति ली और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद टीम ने शिकायतकर्ता को आवश्यक निर्देश दिए और उसे चिन्हित नोट उपलब्ध कराए गए।सोमवार को तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता सीएमओ कार्यालय पहुंचा। उस समय महिला बाबू बबीता चौहान अपने निर्धारित कक्ष में बैठी हुई थी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने महिला बाबू को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला बाबू को रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की राशि 5,000 रुपये महिला बाबू के पास से बरामद की गई, जिनके नंबर पहले से रिकॉर्ड में दर्ज थे।रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद महिला बाबू ने मौके पर शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सीएमओ कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी और खलबली मच गई। कई कर्मचारी इस कार्रवाई को देखकर हैरान रह गए।एंटी करप्शन टीम ने मौके पर सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। महिला बाबू को तुरंत अपने साथ सरकारी वाहन में बैठाया गया। सुरक्षा और प्रक्रिया के तहत पहले महिला बाबू को महिला थाने ले जाया गया, जहां प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद एंटी करप्शन टीम महिला बाबू को कोतवाली हाथरस गेट लेकर पहुंची।कोतवाली में महिला बाबू से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान रिश्वत मांगने और लेने से संबंधित तथ्यों की जांच की गई। एंटी करप्शन टीम ने महिला बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। टीम ने बताया कि मामले की जांच आगे भी जारी रहेगी और यदि इसमें किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। सरकारी कार्यालयों में किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में उनसे किसी भी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो वे बिना डरे एंटी करप्शन विभाग में शिकायत दर्ज कराएं।इस घटना के बाद सीएमओ कार्यालय में सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने कार्यों को पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार करें। साथ ही कार्यालय में कामकाज की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई की काफी चर्चा रही। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि रिश्वत मांगने की यह घटना किसी व्यक्तिगत स्तर पर थी या इसके पीछे कोई संगठित व्यवस्था काम कर रही थी।इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना कितना आवश्यक है। एंटी करप्शन विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी, ताकि सरकारी सेवाओं में ईमानदारी और विश्वास को मजबूत किया जा सके।
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