बिहार में बीजेपी का ‘राज’ तय! : सम्राट चौधरी बनेंगे पहले भाजपा मुख्यमंत्री, बदल गई सियासत की दिशा
Munesh Kumar Shukla Tue, Apr 14, 2026
Bihar की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दशकों तक सहयोगी की भूमिका निभाने वाली Bharatiya Janata Party ने अब राज्य की कमान खुद संभालने का फैसला कर लिया है। पहली बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है, और यह जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपी गई है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर सहमति बन चुकी है, जबकि एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। उनके नाम के ऐलान से पहले ही Upendra Kushwaha ने उन्हें बधाई देते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनका असली नाम राकेश कुमार है और उन्हें राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति के कद्दावर नेता माने जाते थे, जबकि उनकी माता पार्वती देवी भी सक्रिय राजनीति में रहीं।
सम्राट ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत Rashtriya Janata Dal से की थी। 1999 में, जब Lalu Prasad Yadav के प्रभाव में उन्हें मात्र 31 वर्ष की उम्र में कृषि मंत्री बनाया गया, तब वे बिहार के सबसे युवा मंत्रियों में शामिल हो गए। हालांकि उनकी उम्र को लेकर विवाद भी हुआ, लेकिन इसी घटना ने उन्हें राज्यभर में पहचान दिलाई।
बाद में उन्होंने Nitish Kumar के साथ काम किया और 2014 में Jitan Ram Manjhi सरकार में शहरी विकास मंत्री बने। समय के साथ उनके और नीतीश कुमार के बीच मतभेद बढ़ते गए।
2017 में सम्राट चौधरी ने भाजपा का दामन थामा, जो उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। भाजपा ने उन्हें एक मजबूत पिछड़ा वर्ग के चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया।
जब Nitish Kumar ने एनडीए छोड़कर नई सरकार बनाई, तब सम्राट चौधरी ने मुरैठा बांधकर संकल्प लिया था कि जब तक नीतीश कुमार को सत्ता से नहीं हटाएंगे, तब तक पगड़ी नहीं उतारेंगे। बाद में राजनीतिक समीकरण बदले और वे भाजपा सरकार में उपमुख्यमंत्री बने।
मार्च 2023 में उन्हें बिहार भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जहां उन्होंने संगठन में नई ऊर्जा भरी। अब मुख्यमंत्री बनने के साथ ही सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय लिखने जा रहे हैं।
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