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ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई का सपना होगा आसान : भारतीय छात्रों के लिए लॉन्च हुआ AAERI Verify

Munesh Kumar Shukla Mon, Aug 10, 2026

ऑस्ट्रेलिया में एडमिशन के लिए अप्लाई करने के इच्छुक भारतीयों के लिए अच्छी खबर है। अब यहां की यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करना आसान होने वाला है। इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (MeiTY) के तहत आने वाले नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने AAERI Verify लॉन्च करने के लिए भारत में 'एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलियन एजुकेशन रिप्रेजेंटेटिव्स इन इंडिया' (AAERI) के साथ पार्टनरशिप की है।डिजिलॉकर से सीधे जुड़े इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से, ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करने वाले छात्र अपने अकेडमिक, आइडेंटिटी और फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स का सुरक्षित, पेपरलेस और सहमति-आधारित वेरिफिकेशन करवा सकेंगे। MeitY ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि इस प्लेटफॉर्म को दिल्ली में AAERI के सालाना सम्मेलन के दौरान आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया। डिजिलॉकर पर वैसे भी स्टूडेंट्स अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड करते आए हैं। AAERI ने NeGD के साथ मिलकर AAERI Verify लॉन्च किया है। यह एक ऐसा ऑथेंटिकेशन प्लेटफॉर्म है जो ऑस्ट्रेलिया के हायर एजुकेशन संस्थानों के लिए छात्रों के क्रेडेंशियल की जांच की प्रक्रिया को आसान बनाता है। AAERI Verify प्लेटफॉर्म के साथ डिजिलॉकर को जोड़ने से, छात्र भरोसेमंद सोर्स से सीधे असली और जारीकर्ता द्वारा वेरिफाई किए गए डिजिटल दस्तावेज सुरक्षित रूप से शेयर कर सकते हैं। इससे फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और मैन्युअल वेरिफिकेशन प्रोसेस पर निर्भरता कम होती है।कागजी कार्रवाई और टाइम की बचत: अब स्टूडेंट्स को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की लंबे और धीमे मैन्युअल प्रोसेस से नहीं गुजरना होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कागजी कार्रवाई तुरंत और आसानी से हो जाएगी। तेज एडमिशन प्रोसेस: इस प्लेटफॉर्म के आने से ऑस्ट्रेलियन यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करने का प्रोसेस काफी तेज हो जाएगा, जिससे यूनिवर्सिटी के ऑफर्स और वीजा से जुड़े फैसले जल्दी मिलने में मदद मिलेगी। सुरक्षित और फ्रॉड से बचाव: स्टूडेंट अपनी सहमति से सीधे ओरिजिनल अथॉरिटी से डिजिटल रूप से साइन डॉक्यूमेंट्स शेयर कर सकेंगे, जिससे फ्रॉड होने का जोखिम खत्म हो जाएगा। फाइनेंशियल चेकिंग आसान: एडमिशन ऑफर मिलने के बाद स्पांसरशिप और फाइनेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी इसी सुरक्षित डिजिटल फ्रेमवर्क के जरिए बिना किसी परेशानी के हो जाएगी।