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शिक्षा क्षेत्र : प्राइवेट फोटो-वीडियो से ब्लैकमेलिंग पर लगेगी रोक, I4C ने बताया बचाव का तरीका

Munesh Kumar Shukla Sun, Mar 1, 2026

ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच प्राइवेट फोटो और वीडियो के नाम पर ब्लैकमेलिंग की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। कई मामलों में साइबर अपराधी लोगों को निजी तस्वीरें या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग करते हैं। ऐसी घटनाओं से परेशान होकर कुछ लोगों के आत्महत्या तक करने की खबरें भी सामने आई हैं।

अब इस तरह की ब्लैकमेलिंग से निपटने के लिए केंद्र सरकार की पहल सामने आई है। गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत साइबर सुरक्षा एजेंसी Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) ने लोगों को इससे बचने का तरीका बताया है। I4C की पहल ‘Cyber Dost’ ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट कर इस समस्या से निपटने की प्रक्रिया साझा की है।

पोस्ट के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति आपको निजी फोटो या वीडियो इंटरनेट पर साझा करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे कंटेंट को वायरल होने से रोका जा सकता है। इसके लिए एक विशेष अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म की मदद ली जा सकती है, जो बिना अनुमति साझा किए गए निजी फोटो या वीडियो के दुरुपयोग को रोकने में सहायता करता है।

यह प्लेटफॉर्म संबंधित फोटो या वीडियो का एक डिजिटल कोड (हैश) तैयार करता है। इस कोड को प्लेटफॉर्म से जुड़े सोशल मीडिया नेटवर्क्स के साथ साझा किया जाता है। इसके बाद यदि वही फोटो या वीडियो कहीं अपलोड किया जाता है या पहले से मौजूद होता है, तो उसे पहचानकर हटाया जा सकता है। साथ ही भविष्य में ऐसे कंटेंट को दोबारा अपलोड होने से भी ब्लॉक किया जाता है। इस पहल में कई प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियां शामिल हैं, जिनमें Meta Platforms, TikTok और Snap Inc. जैसी कंपनियां सहयोग कर रही हैं। ब्लैकमेलिंग की स्थिति में सबसे पहले शांत रहें, किसी भी प्रकार की रकम न दें और आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। I4C ने लोगों से अपील की है कि वे डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। यह पहल साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।