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राम मंदिर दान विवाद गहराया : 200 किलो चांदी की ईंटों के हिसाब पर उठे सवाल

Munesh Kumar Shukla Thu, Jun 25, 2026

अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए दिए गए दान को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सिंधी समुदाय के एक प्रमुख उद्योगपति ने दावा किया है कि मंदिर निर्माण के लिए दान की गई 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों का अब तक कोई स्पष्ट हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस दावे के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है।

'कासल्स ग्रुप ऑफ कंपनीज' के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक डॉ. राजू वी. मनवानी ने आरोप लगाया कि 26 जनवरी 2021 को सिंधी समुदाय की ओर से अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को 200 चांदी की ईंटें सौंपी गई थीं। प्रत्येक ईंट का वजन लगभग एक किलोग्राम बताया गया है। मनवानी का कहना है कि दान सौंपे जाने के दौरान समुदाय को किसी प्रकार की आधिकारिक रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई थी।

उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने उस समय यह कहा था कि चांदी का उपयोग किस कार्य में किया जाएगा, इसका निर्णय बाद में लिया जाएगा। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी समुदाय को इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इसी कारण अब दान की गई चांदी के उपयोग और उसके रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर, ट्रस्ट की ओर से इस विषय पर अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के पदाधिकारी मामले से संबंधित तथ्यों की समीक्षा कर रहे हैं और आवश्यक होने पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया जा सकता है।

इस बीच, विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दान से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उनका कहना है कि धार्मिक संस्थाओं में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान का समुचित रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की शंका या विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

फिलहाल, यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और सभी की निगाहें ट्रस्ट की संभावित प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।