बूंग : भारतीय फिल्म ‘बूंग’ को BAFTA अवॉर्ड
Munesh Kumar Shukla Tue, Feb 24, 2026
भारतीय सिनेमा के लिए यह एक ऐतिहासिक पल है। फिल्म ‘बूंग’ ने बाफ्टा अवॉर्ड्स जीतकर देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर दिया है। यह पहली भारतीय फिल्म बन गई है जिसे बाफ्टा अवॉर्ड मिला है। इस उपलब्धि ने न केवल फिल्म इंडस्ट्री को गर्व महसूस कराया है, बल्कि पूरे देश में खुशी और उत्साह भर दिया है। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान को भी दर्शाता है, जो नई पीढ़ी के फिल्मकारों और कलाकारों के लिए प्रेरणा बन सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिल्म के मेकर्स और कलाकारों को बधाई दी और ट्वीट किया, “इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बधाई। यह वास्तव में बहुत ही खुशी का पल है, खासकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश की शानदार रचनात्मक प्रतिभा को भी उजागर करता है।
”फिल्म की कहानी मणिपुर की पृष्ठभूमि पर आधारित है और यह छोटे लड़के बूंग के इर्द-गिर्द घूमती है। गूगुन किपगेन ने बूंग का किरदार निभाया है। बूंग अपने परिवार को फिर से एक करने का सपना देखता है। उसकी मां मंदाकिनी अकेले अपने बेटे की परवरिश कर रही है। कहानी में बूंग अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ मिलकर अपने लापता पिता की खोज का साहसिक सफर शुरू करता है। फिल्म में मां-बेटे के रिश्ते, मासूमियत और जज्बात को गहराई से दिखाया गया है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स ने मिलकर बनाया है। ‘बूंग’ की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता ने मणिपुर और पूरे भारत को गर्व महसूस कराया है। अक्सर मणिपुर और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कहानियां सिनेमा में कम दिखाई जाती हैं, लेकिन इस फिल्म ने वहां की संस्कृति, जीवनशैली और परंपराओं को विश्व मंच पर पेश किया। बाफ्टा अवॉर्ड जीतने से यह साबित होता है कि भारतीय सिनेमा सिर्फ बॉक्स ऑफिस की सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, भावना और संस्कृति के क्षेत्र में भी मान्यता हासिल कर सकता है।
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