जम्मू यूनिवर्सिटी : जम्मू यूनिवर्सिटी में जिन्ना को लेकर नया विवाद सामने आया है
Munesh Kumar Shukla Mon, Mar 23, 2026
जम्मू यूनिवर्सिटी में एमए पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस को लेकर नया विवाद सामने आया है। विभागीय मामलों की समिति (DAC) ने मोहम्मद अली जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े टॉपिक्स को हटाने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला 24 मार्च को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में लिया जाएगा।
दरअसल, पॉलिटिकल साइंस के ‘माइनॉरिटीज एंड द नेशन’ पेपर में जिन्ना के राजनीतिक विचारों को शामिल किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। इसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करते हुए इन विषयों को हटाने की मांग की। संगठन का कहना है कि अकादमिक स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
ABVP के जम्मू-कश्मीर राज्य सचिव सन्नक श्रीवत्स के मुताबिक, पहले जिन्ना का उल्लेख ‘टू-नेशन थ्योरी’ के संदर्भ में किया जाता था, जहां उन्हें विभाजन की विचारधारा से जोड़ा जाता था। लेकिन संशोधित सिलेबस में उन्हें ‘माइनॉरिटीज एंड द नेशन’ के तहत अल्पसंख्यकों के नेता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिस पर आपत्ति जताई जा रही है।
वहीं, पॉलिटिकल साइंस विभाग के अध्यक्ष बलजीत सिंह मान ने कहा कि जिन्ना समेत अन्य विचारकों को पूरी तरह अकादमिक दृष्टिकोण से सिलेबस में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर प्रचलित ढांचे और UGC के मानकों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों को विभिन्न विचारधाराओं से परिचित कराना है।
बढ़ते विवाद के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मुद्दे को अनावश्यक विवाद बताते हुए कहा है कि सिलेबस को लेकर जानबूझकर माहौल बनाया जा रहा है।
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