कानपुर : सपा MLA अमिताभ का बड़ा दावा
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 7, 2026
कानपुर में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई ने इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का दावा करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका आरोप है कि पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जी फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं। विधायक ने दावा किया कि उन्होंने ऐसे हजारों फॉर्म-7 बरामद किए हैं, जिन्हें मतदाताओं की जानकारी और सहमति के बिना भरा गया है।आर्य नगर विधानसभा सीट से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने शुक्रवार को मीडिया के सामने सैकड़ों फॉर्म-7 दिखाते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। उन्होंने बताया कि ये फॉर्म मतदाता सूची से नाम कटवाने के लिए उपयोग किए जाते हैं और इनका इस्तेमाल जानबूझकर एक खास वर्ग के वोटर्स को चुनावी प्रक्रिया से बाहर करने के लिए किया जा रहा है। विधायक ने वीडियो जारी कर हजारों की संख्या में फॉर्म दिखाए, जिससे पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।अमिताभ बाजपेई का आरोप है कि भाजपा के एक मंडल अध्यक्ष दीपक शुक्ला ने कानपुर के नारायणी देवी धर्मशाला स्थित एक बूथ पर सैकड़ों पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम से फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरकर उन्हें जमा कराया। उन्होंने कहा कि इन फॉर्मों पर जिन मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनके नाम कटवाने के लिए आवेदन किया गया है। यह सीधा-सीधा चुनावी प्रक्रिया में हेराफेरी और संविधान के खिलाफ किया गया कृत्य है।सपा विधायक ने यह भी बताया कि जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और इस संदिग्ध गतिविधि पर सवाल उठाए, तो आरोपित भाजपा नेता फॉर्म-7 के बंडल वहीं छोड़कर मौके से भाग निकले। इसके बाद इन फॉर्मों को कब्जे में लेकर पूरे मामले का खुलासा किया गया।
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