Advertisment

26 जनवरी 2026 से e paper tv भारतवर्ष पढ़े हर रोज

30th September 2026

BREAKING NEWS

TV Bharatvarsh E Paper 01-09-2026

TV Bharatvarsh E Paper 27-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 26-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 25-08-2026

TV Bharatvarsh E Paper 23-08-2026

कानपुर : घायल ने कारोबारी से समझौता किया: ड्राइवर ने सरेंडर किया,कानपुर कोर्ट ने नहीं माना आरोपी

Munesh Kumar Shukla Wed, Feb 11, 2026

कानपुर के लेम्बोर्गिनी केस में बुधवार को यू-टर्न हुआ। पहले कथित ड्राइवर ने दोपहर में कोर्ट में सरेंडर कर दिया। फिर मुकदमा दर्ज कराने वाले मो. तौसीफ ने समझौता कर लिया। हालांकि, कोर्ट ने ड्राइवर मोहन की अर्जी खारिज कर दी, उसे आरोपी नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि पुलिस रिपोर्ट में आरोपी शिवम है, मोहन का कहीं नाम नहीं है। इसलिए उसकी जमानत याचिका मंजूर नहीं की गई। कार अभी थाने में ही रहेगी। इससे पहले ड्राइवर मोहन वकील नरेंद्र कुमार यादव के साथ कोर्ट पहुंचा। मोहन ने कहा कि शिवम मिश्रा की गाड़ी मैं ही चला रहा था। शिवम को दौरा पड़ गया था। उस वक्त मैं घबरा गया था। कुछ समझ नहीं आया। उसी वक्त हादसा हो गया। जब शीशा तोड़ा और दरवाजा खोला गया तो मैं नीचे से निकल गया था। बाउंसर ने शिवम को निकाला था। हादसे के बाद मैं कोने में खड़ा हो गया था। शिवम को दूसरी गाड़ी में ले जाया गया था। वहीं, बाद शिवम मिश्रा के वकील नरेंद्र कुमार यादव ने कहा- घायल और मुकदमा दर्ज कराने वाले वादी मो. तौसीफ ने ड्राइवर के साथ समझौता किया है। वादी ने पहचान की है कि गाड़ी मोहन ही चला रहा था। वादी ने कहा है कि वह इस केस में अग्रिम कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। जिला शासकीय अधिवक्ता दिलीप अवस्थी ने कहा- आरोपी शिवम मिश्रा की ओर से उनके वकील ने जब्त लेम्बोर्गिनी कार को रिलीज कराने के लिए अर्जी दाखिल की है। सुनवाई के दौरान मोहन ने कहा कि गाड़ी वह ड्राइव कर रहा था, जबकि कानपुर पुलिस ने अपनी जांच रिपोर्ट में शिवम मिश्रा को ही आरोपी ड्राइवर बताया। बता दें, कि लेम्बोर्गिनी कार ने रविवार को 6 लोगों को कुचल दिया था। इसका वीडियो सामने आया था। पुलिस कमिश्नर ने जांच के हवाले से दावा किया था कि लेम्बोर्गिनी तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा शिवम चला रहा था। शिवम मिश्रा का नाम भी FIR में जोड़ा गया था। केस की जांच कर रहे ग्वालटोली थाने के दरोगा दिनेश कुमार ने अपनी जांच रिपोर्ट में शिवम को आरोपी माना है। सारे सबूत कोर्ट में पेश किए। इससे पहले मंगलवार दोपहर कारोबारी केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया था कि हादसे के वक्त बेटा शिवम नहीं, ड्राइवर मोहन कार चला रहा था। शिवम उस वक्त सो रहा था।

केके मिश्रा ने कहा था कि हादसे के बाद कार लॉक हो गई थी, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी। ठीक होने पर बेटे को लेकर मैं खुद थाने आऊंगा। मीडिया ने पूछा कि पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि गाड़ी शिवम चला रहा था। इस पर केके मिश्रा ने जवाब दिया था कि पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे। हालांकि, पुलिस की जांच में CCTV, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और कई ऐसे अहम सबूत सामने आए। इनसे साफ है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। हादसा उसी से हुआ था। कार में कोई दूसरा व्यक्ति या ड्राइवर मौजूद नहीं था।