UP : 1 महीने बढ़ाई गई यूपी में SIR की डेट अब 6 मार्च तक नाम जुड़वा पाएंगे |
Munesh Kumar Shukla Sat, Feb 7, 2026
चुनाव आयोग ने यूपी SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब जिन लोगों को दावा या आपत्ति दर्ज करानी है, उन्हें एक महीने का समय और मिलेगा। नई तारीख के मुताबिक, अब लोग अब 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को जारी होगी। इसकी जानकारी यूपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ लोक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।
राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- यूपी में SIR 27 अक्टूबर से शुरू हुआ था। मतदाताओं की गिनती का काम 4 नवंबर से 6 जनवरी तक चला। इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन आए। नाम हटाने के लिए (फॉर्म 7) कुल 82,684 आवेदन आए। नाम जोड़ने के लिए (फॉर्म 6) करीब 37 लाख 80 हजार आवेदन आए। जो मतदाता बाहर रह रहे हैं (प्रवासी), वे फॉर्म 6A भर सकते हैं। अब तक 1,076 प्रवासी मतदाताओं ने आवेदन किया है।चुनाव विभाग के मुताबिक, फॉर्म 6 की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे करीब 1 करोड़ 40 लाख मतदाता थे, जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में तो था, लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हुई थी। वहीं, 2.22 करोड़ लोगों ने मैपिंग कराई थी, लेकिन उसमें कुछ गड़बड़ियां पाई गईं। इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुल मिलाकर 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं, 86 लाख 27 हजार नोटिस लोगों को मिल भी चुके हैं। करीब 30 लाख मामलों की सुनवाई हो चुकी है। ऐसे में दावा–आपत्ति की तारीख 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च कर दी है। यानी अब 6 मार्च तक नाम जुड़वाने, कटवाने या गलती सुधारने के लिए आवेदन किया जा सकता है। SIR की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी। मतदाताओं की मदद के लिए BLO हर कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक बूथ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा- किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। हर आपत्ति की जांच होगी। उसके बाद ही निर्णय होगा। बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं के नाम मतदाता सूची में नहीं है। नवदीप रिणवा ने अपील की कि नाम की स्पेलिंग (हिंदी/इंग्लिश) आधार कार्ड में जैसी हो, वैसा ही फॉर्म में लिखे, जिससे ऑनलाइन संशोधन कभी करना पड़े तो आसानी से घर बैठे हो जाए। SIR का पहला चरण 4 नवंबर, 2025 से शुरू हुआ। इसमें बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म बांटे और मतदाताओं से जानकारी इकट्ठा की। पहले यह चरण 4 दिसंबर तक चलना था। लेकिन, विपक्ष की मांग पर पहले इसे 7 दिन बढ़ाया गया, फिर 15 दिन का समय बढ़ाया गया। पहले चरण में 2003 की मतदाता सूची से तुलना की गई और मौजूदा वोटर की उनसे मैपिंग की गई। इसके बाद 6 जनवरी को ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई। 2.89 करोड़ नाम कट गए। इनमें 46.23 लाख मृत, 2.17 करोड़ लोग शिफ्टेड और 25.47 लाख डुप्लीकेट वोटर शामिल हैं। पहले प्रदेश में 15.44 करोड़ वोटर थे, अब 12.55 करोड़ मतदाता बचे हैं। मतलब- हर पांचवां वोटर लिस्ट से बाहर हो गया है। लखनऊ में सबसे ज्यादा 12 लाख, जबकि ललितपुर में सबसे कम 95 हजार लोगों के नाम कटे। अब 6 मार्च तक दावे-आपत्तियां की जाएंगी। इसकी कोई फीस नहीं लगेगी। 10 अप्रैल 2026 को अंतिम सूची जारी की जाएगी।
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